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इस 29 साल के इंजीनियर ने किया CM योगी के गढ़ पर कब्जा, जानिए कौन हैं ये?

प्रवीण के कुल 4,56,437 वोट मिले हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 01:55 AM IST
29 साल के प्रवीण कुमार निषाद, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में यह चुनाव लड़ रहे थे। 29 साल के प्रवीण कुमार निषाद, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में यह चुनाव लड़ रहे थे।

जयपुर. मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़कर गोरखपुर लोकसभा चुनाव मैदान में उतरे 29 साल के प्रवीण कुमार निषाद ने आखिरकार भाजपा को उसके ही गढ़ में हराकर देश को चौंका दिया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस लोकसभा सीट पर प्रवीण ने जीत हासिल की है। निषाद ने भिवाड़ी (अलवर) से चार साल तक एक प्राइवेट कंपनी में प्रोडक्शन इंजीनियर की नौकरी की। नौकरी रास नहीं आई तो राजनीति में भाग्य आजमाने योगी के गढ़ गोरखपुर में कूद गए। आज प्रवीण के कुल 4,56,437 वोट मिले हैं।

ये है प्रवीण का राजस्थान कनेक्शन

- प्रवीण कुमार निषाद वर्ष 2008 में बी.टेक करने के बाद 2009 से 2013 तक, उन्होंने राजस्थान के भिवाड़ी में एक प्राइवेट कंपनी में बतौर प्रोडक्शन इंजीनियर नौकरी की।

- उस समय प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी।
- राज्य विधानसभा के चुनाव से ठीक पहले वर्ष 2013 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और फिर राजनीति में भाग्य आजमाने गोरखपुर लौट गए।

- प्रवीण के पिता संजय कुमार निषाद ने पार्टी बनाई। गोरखपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

चार साल राजस्थान में प्राइवेट कंपनी में नौकरी की

- गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ के यूपी के सीएम बनने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया। - समाजवादी पार्टी ने प्रवीण को उतारा।

- प्रवीण कुमार ने अपने पास कुल 45,000 रुपये और सरकारी कर्मचारी पत्नी रितिका के पास कुल 32,000 रुपये नकदी होने का ब्यौरा दिया था।

भाजपा की दो सीटों की हार पर अजीब संयोग

- गोरखपुर व अलवर का नाम नाथ संप्रदाय से जुड़ा है। योगी व चांदनाथ, दोनों लोकसभा में भाजपा सांसद रहे।

- डेढ़ महीने के भीतर दोनों सीटों पर उपचुनाव हुए और दोनों ही सीटें भाजपा हार गई।

- रोहतक बोहर (हरियाणा) नाथ संप्रदाय की गद्दी के महंत चांदनाथ योगी प्रदेश की अलवर सीट से सांसद रहे। चांदनाथ और गोरखपुर पीठ के प्रमुख योगी आदित्यनाथ का खासा जुड़ाव रहा है।

- चांदनाथ व आदित्यनाथ वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव जीता। दोनों ही स्थानों पर मठ का प्रभाव रहता है।

- बहरोड़ के कोहराना निवासी हनुमानगढ़ गद्दी के महंत बालक नाथ योगी को नाथ संप्रदाय की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाया गया था।

- चांदनाथ के निधन से रिक्त अलवर लोकसभा सीट के उपचुनाव में बालकनाथ का नाम भी भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चर्चा में आया था। अलवर सीट भाजपा हार गई थी।

पहले राउंड की मतगणना के बाद से ही नतीजे समाजवादी पार्टी के पक्ष में जाते दिख रहे थे। पहले राउंड की मतगणना के बाद से ही नतीजे समाजवादी पार्टी के पक्ष में जाते दिख रहे थे।
वोट डालने के बाद प्रवीण कुमार निषाद। वोट डालने के बाद प्रवीण कुमार निषाद।
नोएडा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक कर चुके प्रवीण कुमार का यह पहला चुनाव था। नोएडा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक कर चुके प्रवीण कुमार का यह पहला चुनाव था।
आख़िरी चरण में एक बार को भाजपा और सपा के बीच वोटों का अंतर कम होता दिखा था। आख़िरी चरण में एक बार को भाजपा और सपा के बीच वोटों का अंतर कम होता दिखा था।
चार साल राजस्थान में प्राइवेट कंपनी में नौकरी की। चार साल राजस्थान में प्राइवेट कंपनी में नौकरी की।
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29 साल के प्रवीण कुमार निषाद, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में यह चुनाव लड़ रहे थे।29 साल के प्रवीण कुमार निषाद, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में यह चुनाव लड़ रहे थे।
पहले राउंड की मतगणना के बाद से ही नतीजे समाजवादी पार्टी के पक्ष में जाते दिख रहे थे।पहले राउंड की मतगणना के बाद से ही नतीजे समाजवादी पार्टी के पक्ष में जाते दिख रहे थे।
वोट डालने के बाद प्रवीण कुमार निषाद।वोट डालने के बाद प्रवीण कुमार निषाद।
नोएडा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक कर चुके प्रवीण कुमार का यह पहला चुनाव था।नोएडा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक कर चुके प्रवीण कुमार का यह पहला चुनाव था।
आख़िरी चरण में एक बार को भाजपा और सपा के बीच वोटों का अंतर कम होता दिखा था।आख़िरी चरण में एक बार को भाजपा और सपा के बीच वोटों का अंतर कम होता दिखा था।
चार साल राजस्थान में प्राइवेट कंपनी में नौकरी की।चार साल राजस्थान में प्राइवेट कंपनी में नौकरी की।
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