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8 बच्चों को पढ़ाने के लिए चार टीचर, सरकार भी खर्च करती है लाखों रुपए की सैलरी

पहली क्लास से लेकर पांचवी तक चलने वाले इस स्कूल में तीसरी क्लास में किसी बच्चे का एडमिशन नहीं हैं।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 03:27 PM IST
इन आठ बच्चों पर सैलरी के नाम पर सरकार दो लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। इन आठ बच्चों पर सैलरी के नाम पर सरकार दो लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है।

शाहजहांपुर. आठ बच्चों को पढ़ाने के लिए चार सरकारी टीचर समेत कुल 6 लोगों का स्टॉफ है। मामला बंडा ब्लॉक के अजोधापुर प्राइमरी स्कूल का है। 8 बच्चों पर यहां हर महीने दो लाख से ज्यादा सरकारी पैसा खर्च हो रहा है। ये है बच्चों की संख्या

पहली क्लास- 2
दूसरी क्लास- 3
तीसरी क्लास-0
चौथी क्लास- 1
पांचवीं क्लास- 2


- इन आठ बच्चों पर सैलरी के नाम पर सरकार दो लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। आंकड़ों की मानें, गांव में 150 से ज्यादा बच्चे है, जो स्कूल जाने के बजाए खेती और घरेलू कामों में अपने परिवार का हाथ बंटाते है। शिक्षा विभाग बच्चों के माता-पिता को जागरुककरने के लिए तमाम रैलियां निकाली, विभाग का हर कोशिश नाकाम हुई है।

- स्कूल के प्रिंसिपल नहीं दे पाए जवाब
कम बच्चों के बारे स्कूल के प्रिंसिपल अजय बहादुर सिंह भी कोई खास जवाब नहीं दे पाए। टीचर कुसुस और कमलेश के बारे में बात नहीं कर पाए।


शिक्षा अधिकारियों का पक्ष
-जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने कहा,"स्कूल मे कम बच्चों के अनुसार ज्यादा टीचर्स की जानकारी मेरे पास है। जुलाई मे हमने इनके लिए ट्रांसफर का आदेश दिया था, लेकिन हाईकोर्ट से स्टे होने की वजह से नहीं हो पाया।
-इससे पहले उनके हुए ट्रांसफर की जांच सहायक शिक्षक निदेशक (बेसिक) की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौपेंगे।

गांव में 150 से ज्यादा बच्चे है, जो स्कूल जाने के बजाए खेती और घरेलू कामों में अपने परिवार का हाथ बंटाते है। गांव में 150 से ज्यादा बच्चे है, जो स्कूल जाने के बजाए खेती और घरेलू कामों में अपने परिवार का हाथ बंटाते है।
कम बच्चों के बारे स्कूल के प्रिंसिपल अजय बहादुर सिंह भी कोई खास जवाब नहीं दे पाए कम बच्चों के बारे स्कूल के प्रिंसिपल अजय बहादुर सिंह भी कोई खास जवाब नहीं दे पाए