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जलकल, पालिका परिषद में भर्ती यूपीएसएसएससी, योगी सरकार का फैसला

आगरा एक्सप्रेस वे पर एक्सीडेंट रोकने के लिए अवैध रूप से निकलने वाले ट्रकों पर रोक का निर्णय

Danik Bhaskar | Jan 02, 2018, 08:44 PM IST
स‍िम्बोल‍िक। स‍िम्बोल‍िक।

लखनऊ. प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व की अखिलेश यादव सरकार का एक और फैसला पलट दिया। अब जल निगम व पालिका परिषदों के विभिन्न पदों की भर्ती अधीनस्थ चयन सेवा आयोग ( यूपीएसएसएससी) के जरिये कराने का निर्णय लिया है। सरकार के प्रवक्ता सिद्वार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी और कहा कि 10 निर्णय लिए गये हैं। इसमें दिहाड़ी मजदूरों का अंशदान को एक साल के लिए मान्य किया गया है, अभी तक यह अवधि पांच साल की थी।

- श्रम एवं अन्य कर्मकार विभाग में रजिस्टर्ड मजदूरों की सुविधा नियमावली में संशोधन कर अब उनके रजिस्ट्रेशन को लेकर जीआईएस सर्वे कराने का निर्णल लिया गया है।

-कन्ट्रक्शन से जुड़े मजदूरों का अंशदान 5 साल में होता था, अब इसे घटाकर एक साल किया गया है, इससे मजदूरों की मदद में सुविधा होगी।

-जिन क्षेत्रों में अस्थायी लेबर हैं, वहां पर भी अंशदान का लाभ मजदूरों को मिलेगा। श्रम पाॅलिसी में बदलाव के पीछे उनको आर्थिक मदद की मंशा है।

- यूपी नगरीय निकाय (पालिका) सेवा एवं जलकल विभाग में अब तक होती रही भर्तियों पर रोक लगाकर उन्हें अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के जरिये कराने का फैसला लिया गया है।
- राज्य विवि में खाली पड़े शैक्षणिक पदों पर 25नवम्बर 2013 के मानदेय को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- सहकारी ग्राम विकास बैंक को 2400 करोड़ की गारंटी लेने का निर्णय लिया गया है। यह राशि नाबार्ड से हासिल होगी।

-नाॅन जीएसटी दर वाली अल्कोहल की रेट को माॅडीफाइड किया है।
-सिंचाई विभाग की अर्जुन, सरयू, और मध्य गंगा परियोजना का लोन बचा है, इसके लिए नाबार्ड से लोन लिया जाएगा।

-सरयू नहर परियोजना में 9802 करोड़ में केंद्र का1166 करोड़ और राज्य का 3450 करोड़ हिस्सा था, इसमें से राज्य सरकार एक हजार करोड़ जारी कर दिया है।

-अन्य दोनों परियोजनाओं में भी नाबार्ड से लोन लिया जाएगा। सरयू नहर का 68 प्रतिशत, अर्जुन सहायक का 65 प्रतिशत और मध्य गंगा का वर्तमान में काम 38 प्रतिशत हुआ है।
- 1992 से चले आ रहे माॅडल यूपी औद्योगिक सेवा योजना आदेश पुनः प्रस्तावित किया गया है। इसमे लेबर लाॅ भी शामिल है। इसके तहत अब जो लाभ नियमित मजदूर को मिलता है वहीं लाभ अन्य कर्मचारी को भी मिलेगा।
- पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की रिक्वेस्ट फाॅर क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी होगी। इसके लिए फाइनेंशियल बिड मांगी जाएगी। यह कार्य 25मार्च 2018 तक पूरा किया जाएगा।

- इस मार्ग के लिए 84 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसके लिए इलाहाबाद बैंक से लोन लिया था, अब एसबीआई से भी लोन लेंगे।

-4 पर्यटन शहरों को एक्सप्रेस वे से जोड़ेंगे, जिसमें वाराणसी को एनएच-33 से, अयोध्या लिंक मार्ग से, इलाहाबाद के लिए सर्वे जारी और गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेंगे।

इसके लिए जनवरी माह के अंत तक 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण कर लेंगे।
- आगरा, एक्सप्रेस वे की तरह ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को फाइटर जेट्स की लैंडिग के योग्य बनाया जाएगा।

-आगरा एक्सप्रेस वे पर बढ़ते एक्सीडेंट को रोकने के लिए अवैध रूप से निकलने वाले ट्रकों पर रोक लगेगी। इसके लिए अलग ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा, सीसीटीवी से निगरानी होगी।

- यूपी मेट्रो रेल परियोजना बनाने पर सहमति हुई है। इसे स्पेशल पपर्ज़ व्हीकल के तौर पर शामिल किया जाएगा।