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कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके एक्टर रवि किशन योगी के सामने बोले ‘हां मैं हिंदू हूं...

भोजपुरी फिल्मों से करियर शुरू करने वाले एक्टर रवि किशन अभिनय के साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 26, 2017, 06:26 PM IST
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लखनऊ. भोजपुरी फिल्मों से करियर शुरू करने वाले एक्टर रवि किशन अभिनय के साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। सेक्युलर राजनीति की दुहाई देकर कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके रवि किशन का ह्दय परिवर्तन हो गया है। लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को गीतों के सस्वर पाठ के दौरान सीएम योगी आत्यिनाथ की मौजूदगी में जोर देकर पढ़ा-" हां मैं हिंदू हूं, लहरता है भगवा गगन में हमारा।" इस लाइनों के राजनीतिक मीनिंग निकाले जा रहे हैं। इससे पहले यूपी के भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने भी सपा से राजनीति शुरू कर भाजपा में दाखिल हुए और अब दिल्ली से सांसद हैं।

रवि किशन भी राजनीतिक ठौर तलाश रहे हैं

रवि किशन ने अटल की कविता भगवा हमारे के पाठ करते हुए जोर देकर कहा कि मैं हिंदू हूं, मेरा जन्म मंदिर में हुआ। मेरा मन और तन जन्मजात भगवा है
- अटल गीत गंगा के काय्र्रक्रम के दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, गवर्नर राम नाईक और मुम्बई भाजपा के संगठन से जुड़े दर्जनों नेता व यूपी कैबिनेट के आठ सदस्य मौजूद थे।
- एक्टर रवि किशन ने सूट के ऊपर भगवा रंग का गमछा पहनकर आए थे। इसका कारण स्वतः बताकर अपने को स्वयंसेवक साबित कर दिया। कहा कि- मेरा जन्म मंदिर में गरीब ब्राम्हण परिवार में हुआ।
- मेरा तन, मन, सब भगवा रहा है। मैं शंख, घंटियों और मंत्रोच्चार के बीच पला बड़ा हुआ। भगवा मेरे रग-रग में बसा है। मैं नहीं निकाल सकता इसे।
- रवि किशन ने अटलजी की कविताओं के पाठ के बहाने उनके भगवा होने की पहचान कराई और उनकी भाजपा के साथ जुड़ने की इच्छा शक्ति भी।

कांग्रेस से राजनीतिक सफर शुरू किया

- रवि किशन ने 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इन चुनावों में उन्हें बतौर कंाग्रेस उम्मीदवार 42 हजार वोट मिले थे। भाजपा कैंडिडेट केपी सिंह ने उन्हें हराया था।
- कयास लगाए जा रहे थे कि रवि किशन विधानसभा चुनाव 2017 में भी कांग्रेस उम्मीदवार होंगे लेकिन उन्होंने फरवरी 2017 में बीजेपी ज्वाइन कर लिया। उन्हें दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बीजेपी ज्वाइन करवाया था।

- अब आगामी लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में एक बार फिर से पाॅलिटिकल पांर्टियां हैं, वहीं रवि किशन भी एक बार फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। अब देखना यह होगा कि उन्हें बीजेपी अपना प्रत्याशी बनाती है या नहीं।

ये कविता पढ़ी

गगन में लहरता है भगवा हमारा
गगन मे लहरता है भगवा हमारा
घिरे घोर घन दासताँ के भयंकर
गवाँ बैठे सर्वस्व आपस में लड़कर
बुझे दीप घर-घर हुआ शून्य अंबर
निराशा निशा ने जो डेरा जमाया
ये जयचंद के द्रोह का दुष्ट फल है
जो अब तक अंधेरा सबेरा न आया
मगर घोर तम मे पराजय के गम में विजय की विभा ले
अंधेरे गगन में उषा के वसन दुष्मनो के नयन में
चमकता रहा पूज्य भगवा हमारा

हां मैं हिंदू हूं, मैं हिंदू हूं


- ये रवि किशन का राजनीतिक रूख स्पष्ट करने का अपना अंदाज था, क्योंकि उन्होंने कविता को यहीं समाप्त कर दिया।

बाद में रविकिशन ने dainikbhaskar.com से कहा कि वह बचपन से अटलजी के फैन हैं। वह उनके लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं।

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