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पोस्टमार्टम हाउस से शव गायब होने की उड़ी थी अफवाह, सामने आया ये सच

यहां के पीएम हाउस में डॉक्टरों द्वारा बॉडी के पोस्टमार्टम में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है।

Danik Bhaskar | Nov 16, 2017, 07:05 PM IST
सीएमओ, एडिशनल सीएमओ डॉ. आरबी सिंह के साथ पोस्टमार्टम हाउस का इंस्पेक्शन करने पहुंचे। सीएमओ, एडिशनल सीएमओ डॉ. आरबी सिंह के साथ पोस्टमार्टम हाउस का इंस्पेक्शन करने पहुंचे।

लखनऊ. लखनऊ. यहां के पीएम हाउस से डेडबॉडी गायब होने की अफवाह के बाद गुरुवार को सीएमओ मौके पर जांच करने पहुंचे थे। इस दौरान सीएमओ ने जांच में पाया कि डेडबॉडी गायब नहीं हुई थी बल्कि रजिस्टर में उसका जिक्र ही नहीं किया गया था। इसके बाद सीएमओ ने डेडबॉडी के पोस्टमार्टम में मनमानी करने वाले डॉक्टरों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। आगे पढ़िए क्या है पूरा मामला...

- मोहनलाल गंज निवासी दुर्गेश(28) पेशे से टीचर था। बुधवार शाम को रोड एक्सीडेंट में उसकी डेथ हो गई थी। इसके बाद रात को घरवालों ने दुर्गेश की डेडबॉडी पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस लेकर आए। लेकिन उस टाइम मौके पर फार्मासिस्ट के अलावा कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
- इसके बाद अटेंडेट के कहने पर फार्मासिस्ट ने डॉ. अजय शर्मा और डॉ. अनूप वाजपेयी को फोन कर बॉडी के पोस्टमार्टम के बारे में इन्फार्म किया। फोन करने के बाद डॉक्टर मौके पर पहुंच गए।
- डॉक्टरों ने आनन-फानन में बॉडी का पोस्टमार्टम किया और जाते टाइम फार्मासिस्ट से कहा कि वह अटेंडेंट को उनके जाने के बाद बॉडी सौंपे। फार्मासिस्ट ने डॉक्टरों के जाने के बाद बॉडी मृतक के घरवालों को सौंप दी।
- डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से लेकर डेडबॉडी घरवालों को सौंपने के तक की कोई भी कागजी कार्रवाई नहीं की गई।
- गुरुवार को मोर्निंग में सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेई को पोस्टमार्टम में डिले होने की जानकारी मिली। जिसके बाद सीएमओ, एडिशनल सीएमओ डॉ. आरबी सिंह के साथ पोस्टमार्टम हाउस का इंस्पेक्शन करने पहुंचे।
- सीएमओ ने मौके पर मौजूद स्टाफ से रजिस्टर मांगा। रजिस्टर में उन्होंने देखा कि रात में होने वाले पोस्टमार्टम का कोई जिक्र नहीं था। डेडबॉडी कब पोस्टमार्टम हाउस पहुंची, किस डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया, बॉडी किसे सौंपी गई। इस बारे में रजिस्टर में कोई भी जानकारी नहीं दर्ज थी।
- सीएमओ ने इस पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को तैनात डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

पोस्टमार्टम से पहले नहीं फॉलो किया गया रूल्स
- पोस्टमार्टम हाउस के डाक्टरों ने बताया, "किसी भी बॉडी के पोस्टमार्टम करने से पहले कुछ खास रूल्स को फॉलो करना होता है। नियम के मुताबिक़ किसी भी बॉडी का पोस्टमार्टम करने से पहले कागजी कार्रवाई करना आवश्यक होता है।"

- "कागजी कार्रवाई के लिए 3 प्रतियां बनाई जाती है। जिसमें से एक कापी (मूल प्रति) एसएसपी के कार्यालय में, दूसरे कापी पोस्टमार्टम हाउस में और तीसरी कॉपी सीएमओ कार्यालय में जमा करनी होती है। लेकिन इस मामले में रूल्स को फालों नहीं किया गया।"

स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
- सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेई के मुताबिक़, "डेडबॉडी के पोस्ट मार्टम में डिले करने और बिना कागजी कार्रवाई पूरी किये बगैर बॉडी अटेंडेटस को हैण्डओभर करना बेहद गंभीर अनियमितता का मामला है। इस तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। पोस्ट मार्टम करने वाले दोनों डाक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उनका जवाब आने के बाद जो भी उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी।"

डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से लेकर डेडबॉडी घरवालों को सौंपने के तक की कोई भी कागजी कार्रवाई नहीं की गई। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से लेकर डेडबॉडी घरवालों को सौंपने के तक की कोई भी कागजी कार्रवाई नहीं की गई।
सीएमओ ने इस पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को तैनात डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सीएमओ ने इस पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को तैनात डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
किसी भी बॉडी के पोस्टमार्टम करने से पहले कुछ खास रूल्स को फॉलो करना होता है। किसी भी बॉडी के पोस्टमार्टम करने से पहले कुछ खास रूल्स को फॉलो करना होता है।