--Advertisement--

श्रीश्री से मिलने के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती रही किन्नर गुलशन बिंदु, कहा- मैं करूंगी विकास

किन्नर गुलशन अयोध्या में श्रीश्री रविशंकर से मिलने पहुंची पर उन्हें मिलने नहीं दिया गया।

Dainik Bhaskar

Nov 16, 2017, 03:40 PM IST
गुलशन बिंदु सपा की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ रही हैं। गुलशन बिंदु सपा की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ रही हैं।

लखनऊ. अयोध्या मुद्दे को सुलझाने के लिए श्रीश्री रविशंकर गुरुवार को अयोध्या पहुंचे हैं। श्रीश्री से मुलाकात करने के लिए सपा की मेयर उम्मीदवार गुलशन बिंदु उनसे मुलाकात करने के लिए तोताद्रि मठ मंदिर पहुंची। यहां वो सुरक्षा गार्ड के सामने हाथ जोड़ती रही, लेकिन सुरक्षागार्डों ने श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात करने नहीं दिया इस दौरान उन्होंने कहा- "अयोध्या-फैजाबाद का विकास तभी हो सकता है, जब गुलशन बिंदु आएगी।" आशीर्वाद लेने आई हूं...


-गुलशन बिंदु ने कहा- "मुझे कुर्सी नहीं चाहिए। कुर्सी तो नेताओं को चाहिए मैं तो श्रीश्री से मिलने आई हूं। उन्होंने कहा- प्रभु जो आशीर्वाद देना है आप दे दो।"
-लोगों से अपील करते हुए गुलशन ने कहा- मैं लोगों से अपील करती हूं की अयोध्या के विकास के लिए मेरा यहां आना जरुरी है। उन्होंने कहा-"जिस तरह महाभारत काल में शिखड़ी आई थी उसी तरह मैं आई हूं।"

कौन हैं गुलशन बिंदु
-इस बार राम की इस नगरी में सपा ने अपना मेयर कैंडिडेट एक किन्नर गुलशन बिंदु को बनाया है। बता दें, पहली बार नगर निगम मेयर का चुनाव अयोध्या-फैजाबाद में हो रहा है। ऐसे हर दल अपना मेयर बनाने के लिए हर तरीका अपनाने को तैयार हैं। dainikbhaskar.com से बातचीत में गुलशन बिंदु ने बताया था कि वह कैसे पॉलिटिक्स में आई।
-गुलशन बिंदु ने बताया, वह मूलरूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था। परिवार वाले उनको लेकर दिल्ली चले आए।
-कुछ दिनों तक मां-बाप ने इस बात को छुपाए रखा कि वो किन्नर हैं, लेकिन धीरे-धीरे पता लग ही गया। फिर चार साल की उम्र में ही किन्नर समुदाय के लोगों ने उन्हें गोद ले लिया।
-इसके बाद वह 30 साल दिल्ली में ही रहीं। उसके बाद फरीदाबाद में, फिर रामजन्म भूमि अयोध्या पहुंचीं।

किन्नर समुदाय में है ट्रांसफर की नीति
-गुलशन ने कहा, ''मेरे गुरु ने मुझे फैजाबाद आने के लिए कहा तो मैंने हंसते हुए फोन पर कहा कि हम सीतामढ़ी के हैं। जहां सीता का जन्म हुआ और अयोध्या सीता का ससुराल है मतलब मैं अपने जीजा के यहां हूं।''

मेरा परिवार तो अयोध्यावासी हैं
-गुलशन ने बताया, ''कुछ ही दिनों पहले ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद अब चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। मेरा परिवार तो अयोध्यावासी ही हैं।''
-''मेरा न तो कोई दूसरा परिवार है और न ही सात पीढ़ियों के लिए धन इकट्ठा करना है। जनता अगर साथ देती है तो मैं दिखा दूंगी कि विकास क्या होता है।''

अयोध्या क्यों पहुंचे हैं श्रीश्री
-अयोध्या मुद्दे को कोर्ट के बाहर सुलझाने के लिए श्रीश्री रविशंकर गुरुवार को लखनऊ से अयोध्या पहुंचे हैं।

मध्यस्थता पर अब तक क्या हुआ?

- अक्टूबर में निर्मोही अखाड़ा, शिया वक्फ बोर्ड और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नुमाइंदों ने बेंगलुरु में श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी।
- शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने इस मुलाकात के बाद कहा था- "पूरा देश श्रीश्री का सम्मान करता है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये मसला सुलझ जाएगा। देश हित में इस मसले को सुलझाने के लिए अगर श्री श्री सामने आए हैं तो हमने उनका स्वागत किया है। हमने इस मसले से जुड़ी सारी चीजें उनको मुहैया करवाई हैं।"
- बाबरी एक्शन कमेटी: श्री श्री के दखल की खबरों का खंडन किया, लेकिन कहा अगर श्री श्री मध्यस्थता करते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, हम इसका स्वागत करेंगे।
-सुप्रीम कोर्ट:मार्च में इस मामले की सुनवाई के दौरान तब चीफ जस्टिस रहे जेएस खेहर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल की बेंच ने कहा था कि यह मुद्दा सेंसिटिव और सेंटिमेंटल है। सभी पक्ष इस मसले को सुलझाने की नई कोशिशों के लिए मध्यस्थ को चुन लें। अगर जरूरत पड़ी तो हम एक प्रिंसिपल मीडिएटर चुन सकते हैं।
- सुब्रमण्यम स्वामी: स्वामी ने SC से जल्द सुनवाई की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मुझे सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मध्यस्थता करने का अधिकार दिया था और इस मामले का जल्द से जल्द फैसला हो जाना चाहिए।
- निर्मोही अखाड़ा: महंत रामदास ने कहा था कि इस मामले में बातचीत संवैधानिक दायरे के भीतर होनी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए।
- सुन्नी वक्फ बोर्ड:बोर्ड ने कहा था, "स्वामी की पार्टी का इस केस में इंट्रेस्ट है। किसी ऐसे शख्स से बातचीत कैसे की जा सकती है, जो खुद केस में पार्टी हो? बेहतर होगा कि सुप्रीम कोर्ट रिटायर्ड या सर्विंग जज का एक पैनल बनाए,जो बातचीत की पहल करे। इस दौरान पहले हुई वार्ताओं को भी ध्यान में रखा जाए।"
-इकबाल अंसारी: केस के वादी हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा, "हमें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। सुब्रमण्यम स्वामी जैसे राजनीतिक लोगों का शामिल होना, बातचीत को गलत दिशा में ले जाएगा।" बता दें कि हाशिम अंसारी का 20 जुलाई 2016 को निधन हो गया था। उनकी जगह अब बेटे इकबाल अंसारी वादी हैं।

eunuch gulshan bindu try to meet sri sri Ravi Shankar
eunuch gulshan bindu try to meet sri sri Ravi Shankar
eunuch gulshan bindu try to meet sri sri Ravi Shankar
X
गुलशन बिंदु सपा की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ रही हैं।गुलशन बिंदु सपा की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ रही हैं।
eunuch gulshan bindu try to meet sri sri Ravi Shankar
eunuch gulshan bindu try to meet sri sri Ravi Shankar
eunuch gulshan bindu try to meet sri sri Ravi Shankar
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..