Hindi News »Uttar Pradesh »Lucknow »News» FIR Of Cheating Registered Against Dpeers Allied Corporation Ltd Lucknow

पैसा तीन गुना करने के नाम पर करते थे करोड़ों का फ्रॉड, एेसे आए पकड़ में

दि पियर्स एलाइड कारपोरेशन लि. के खिलाफ हजारों निवेशकों से धोखाधड़ी का आरोप साबित हुआ है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 10, 2017, 07:11 PM IST

पैसा तीन गुना करने के नाम पर करते थे करोड़ों का फ्रॉड, एेसे आए पकड़ में
लखनऊ.राजधानी के आलमबाग थाने में दि पियर्स एलाइड कारपोरेशन लि. के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। कंपनी के खिलाफ लगे हजारों निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोप साबित हुए है। कंपनी ने निवेशकों से पैसा दो गुना और तीन गुना करने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया था। जबकि कंपनी के पास किसी तरह का कोई बैंकिंग कार्य करने का लाइसेंस भी नहीं था। 2012 में कंपनी के खिलाफ शासन से शिकायत की गई थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर ईओडब्ल्यू ने यह जांच जनवरी 2012 में इंस्पेक्टर नन्द किशोर पाण्डेय को सौंपी थी। जांच में शिकायतें सही पाई गई जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। जमीन खरीदने के नाम पर हो रही थी वसूली...

- कंपनी ने अपने निवेशकों से यह बताकर झांसे में फंसाती था कि वह उनके पैसे से बड़े शहरों के पाश इलाकों में जमीन खरीद रहे हैं। इसके बाद उस जमीन को मंहगे रेट में बेच कर उनकी रकम दो गुना या तीन गुना करके लौटाएंगे।
- कंपनी के एजेंट लोगों से 3 से 7 साल की फिक्स डिपाजिट के नाम पर वसूली करते थे। इसके आलावा कंपनी का मंथल प्लान भी था, जिसके तहत भी हजारों लोग पैसे जमा कर रहे थे।
- कंपनी के एजेंट लोगों को किसी जमीन की रजिस्ट्री दिखाते थे। रजिस्ट्री के आधार पर वह उन्हें गुमराह करते थे कि 3 से 5 साल बाद यह जमीन मंहगे रेट पर बिकेगी।
यूपी व दिल्ली में फैला था कंपनी का जाल
- इनके तार यूपी के साथ-साथ दिल्ली से भी जुड़े थे। कंपनी ने दिल्ली में अपना हेड ऑफिस बनाया था और उनके एजेंट यूपी के साथ दिल्ली में भी लोगों से ठगी कर रहे थे।
- जांच अधिकारी ने बताया, "जांच में कंपनी के निवेशकों की डिटेल इकठ्ठा की गई तो ज्यादातर नाम और पते फर्जी निकले। इसके आलावा लोगों द्वारा निवेश किए गए पैसे का भी सही रिकार्ड नही बनाया गया था। कंपनी से मिले दस्तावजों के आधार पर इन्होंने लगभग 15 करोड़ रुपए जमा कराए थे।"
- "ये लोगों का विश्वास जीतने के लिए कुछ निवेशकों का पैसा दो या तीन गुना करके वापस भी कर दिया था। इसकी वजह से काफी लोग इस ठगी का शिकार हो गए।"
- "कंपनी के एजेंट यूपी के लगभग हर शहर में थे। ये एजेंट लोकल लोग ही ज्यादा थे, जिससे लोग जल्दी झांसे में आ जाते थे। कंपनी ने कम पढ़े-लिखे लोगों को ज्यादातर अपना एजेंट बनाया था। जिससे वह भी कंपनी के खेल को समझ न सकें।"
जमीनों को डेवलप करने का था लाइसेंस
- कंपनी के पास जमीनों के व्यवसाय करने का लाइसेंस था, जो कि कारपोरेट ऑफिस नई दिल्ली से लिया गया था। उक्त लाइसेंस के आधार पर कंपनी के पास केवल जमीनों को खरीदने और उसे डेवलप कर बेंचने का अधिकार था।
- लेकिन कंपनी ने इसके बजाय लोगों से जमीन खरीद-बेच के नाम पर वसूली लेना शुरु कर दिया।
क्या कहते हैं जांच अधिकारी
- इंस्पेक्टर नन्द किशोर पाण्डेय ने बताया, "कंपनी ने हजारों लोगों से फर्जीवाड़ा किया है। इसके एमडी के बयान और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर जो बातें सामने आई उस आधार पर शिकायतकर्ता की शिकायत बिलकुल सही पाई गई। मैंने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दिया हैं। जिसके आधार पर कंपनी के 17 लोगों के खिलाफ थाना आलमबाग में मुकदमा दर्ज कराया गया है।"
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×