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15 जनवरी तक लखनऊ में शादी-समारोह में पटाखों पर लगी रोक, बढ़ते प्रदूषण को लेकर बड़ा फैसला

बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन ने फैसला लिया है।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 09:32 AM IST
फाइल । फाइल ।

लखनऊ. राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए शादियों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान पटाखे छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। डीएम कौशलराज शर्मा ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। ये निर्देश वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जारी किए गए हैं। यह निर्देश गुरुवार 16 नवंबर से लेकर 15 जनवरी 2018 तक के लिए लागू रहेंगे। लोगों से अलीप करेगा प्रशासन

-जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन इस बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए वाहनों पर माइक पर लोगों को संदेश देगा और पटाखे न इस्तेमाल करने की अपील भी करेगा।
-दिल्ली एनसीआर समेत आस पास के इलाकों में वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। इस मुद्दे पर 'एनजीटी' में भी सुनवाई जारी है।
-वायु प्रदूषण पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सख़्ती के बाद विभाग ने हरकत में आते हुए यह कदम उठाया है।

पानी का किया गया छिड़काव
-राजधानी लखनऊ में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए पहल शुरू हो गई है। गुरुवार को नगर निगम और अग्नि शमन विभाग की तरफ से पानी के टैंकर और फायर बिग्रेड की गाड़ियों से शहर के कई इलाकों में पेड़ों से पानी से पर छिड़काव किया गया है। इस काम के लिए 6 से ज्यादा फायर बिग्रेड और 8 से ज्यादा पानी के टैंकर लगाए थे।

कूड़ा जलाने पर दर्ज होगी FIR
-बीते दिनों बढ़ते वायु प्रदूषण के इफेक्ट को कम करने के लिए नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने निर्देश देते हुए कहा, ''शहर के किसी भी क्षेत्र, गली, मोहल्ले में कूड़ा न जलाया जाए। अगर आदेश के बाद भी कोई कूड़ा जलाता है, तो पर्यावरण विभाग के नियम के आधार पर उस पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।"


ये है प्रदूषण की वजह
- यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के इन्वायरमेंटल ऑफिसर अशोक तिवारी के मुताबिक, पंजाब में किसान फसलों की कटाई के बाद खेत साफ करने के लिए बड़ी मात्रा में पराली( फसल का अवशेष) जला रहे है। इसके कारण पंजाब से उठने वाली हवा नोएडा में प्रदूषण फैलाने का काम कर रही है।
- वहीं, लखनऊ में बढ़ती वाहनों की संख्या उससे उठने वाला धुंआ, तेजी से हो रहा कंस्ट्रक्टशन और वर्कशॉप प्रदूषण की वजह बना हुआ है। कानपुर से ज्यादा प्रदूषण लखनऊ में होने की वजह यहां हो रहा कंस्ट्रक्टशन, बढ़ती गाड़ियों की संख्या और उससे निकलने वाला धुंआ है।

कैसे कंट्रोल हो सकता है पॉल्यूशन ?
- कारखानों को शहरी क्षेत्र से दूर किया जाना चाहिए। फैक्ट्री में नयी तकनीक का इस्तेमाल हो जिससे धुएं का ज्यादातर भाग अवशोषित हो जाएं।
- तेजी से शहरीकरण की प्रक्रिया को रोकने के लिए गांवों और कस्बों में ही रोजगार के साधन या कुटीर उद्य़ोग लगाने को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
- पेड़ों की अंधा-धुंध कटाई रोकी जानी चाहिए। आम लोगों, जिला प्रशासन और समाजसेवी संगठनों को नियमित रूप से वृक्षारोपण कराना चाहिए।

फाइल । फाइल ।