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महंगी कॉल गर्ल्स की करते थे डिमांड, फिर पुलिस की वर्दी में ऐसे बनाते थे शिकार

यूपी समेत 5 राज्यों में लोगों को शिकार बना चुके गिरोह का लखनऊ पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को अरेस्ट किया।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 14, 2017, 11:31 PM IST

लखनऊ. राजधानी पुलिस ने मंगलवार को अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को अरेस्ट किया। गिरोह पहले इंटरनेट से एस्कार्ट सर्विस संचालकों (लड़कियां सप्लाई करने वाले) नंबर निकाल महंगी लड़कियों की डिमांड करता था। चयनित एड्रेस पर लड़की के साथ ब्रोकर के पहुंचे ही बिहार और दिल्ली पुलिस की वर्दी में उनसे मिलता था। इसके बाद लड़कियों से फिजिकल रिलेशन बनाकर लूट कर भाग जाते थे। ऐसे हुआ खुलासा गिरोह का खुलासा ...
- 11 अक्टूबर को कुछ लोगों ने इंदिरानगर स्थित सुषमा अस्पताल के पास रहने वाले नीरज सिंह को अगवा कर लिया। छोड़ने के लिए आरोपियों ने एटीएम कार्ड से 1 लाख रुपए वसूले।
- कैद से आजाद होते ही उसने किडनैपर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एसपी नार्थ अनुराग वत्स ने एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश में लगा दी।
- इस बीच टीम लगातार आरोपियों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाई हुई थी। सूचना मिली की किडनैपर्स बीते सोमवार को लखनऊ के कमता क्षेत्र में नए शिकार के लिए आए हैं।
- आरोपी अनिल कुमार सिंह निवासी तारनपुर थाना गौरीचक, पटना और राहुल सिन्हा उर्फ राहुल आनन्द निवासी थाना हिस्बा जिला नवादा, बिहार को अरेस्ट किया गया।

शिकार न हो शक इसलिए पहनते थे पुलिस यूनिफार्म
- एसएसपी दीपक कुमार राय की पूछताछ में आरोपी राहुल ने बताया, ''मोटी रकम वसूलने के लिए नीरज का किडनैप किया था। इंटरनेट के जरिए देश भर में एस्कार्ट सर्विस संचालकों का मोबाइल नंबर निकाल उनसे महंगी लड़कियों की मांग भी करते थे।''
- ''दलाल जैसे ही बताए हुए एड्रेस पर पहुंचता था। इस दौरान हम बिहार तो कभी दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचते थे।''
- ''शिकार को यह शक न इसलिए बैच-बिल्ला, वायरलेस सेट, हथकड़ी और एक अवैध रिवॉल्वर भी इस्तेमाल करते थे। इस हुलिए को देख लड़कियां भी हमें असली पुलिस ही समझती थी।
- ''फिर साथी अनिल लड़कियों को सेक्स रैकेट चलाने के नाम पर अरेस्ट करने की धमकी देकर लूट लेता था। साथ ही फिजिकल रिलेशन भी बनाते थे।''
- ''अब तक यूपी, बिहार, उड़ीसा, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में लोगों को शिकार बना चुके हैं। करीब एस्कार्ट सर्विस के 30 से 40 लोगों को लूट चुके हैं।''
- ''एस्कार्ट सर्विस खुद पुलिस की नजर से बचाकर जिस्मफरोशी का कारोबार चलाते हैं। इसलिए पुलिस की वर्दी पहनकर इन्हें लूटने की योजना बनाई।''
जेल में हुई दोस्ती
- छानबीन में पता चला कि पटना के चर्चित व्हाईट हाउस हत्या कांड मामले में आरोपी अनिल ने सुरेश महतो को 8वीं मंजिल से धक्का देकर हत्या कर दी थी।
- इसके बाद पुलिस ने अरेस्ट कर उसे बेऊर जेल में भेज दिया। यहां उसकी मुलाकात क्राइम कन्ट्रोल एक्ट के अन्तर्गत 4 साल से सजा काट रहे आरोपी राहुल सिन्हा से हुई।
- 2015 में राहुल जेल से रिहा हुआ। इस दौरान अनिल को भी जेल से जमानत मिल गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर नई योजनाएं बनाना शुरू किया।

क्या होता है एस्कार्ट सर्विस ?
- इंडिया में एस्कार्ट सर्विस का मकड़जाल कुछ समय से जोर पकड़े हुए है। इसमें संचालक दावा करते हैं कि वे जिस्मफरोशी का कारोबार नहीं करते बल्कि मनोरजन के लिए लोगों को सर्विस देते हैं।
- इसमें जिस्मफरोशी छोड़कर सबकुछ होता है, लेकिन कहानी इससे बिल्कुल उल्ट होती है। संचालक लड़कियों की उम्र और खूबसूरती के हिसाब से कस्टमर से पूरी रात का सौदा करते हैं।
- बुकिंग कन्फर्म होते ही दलाल लड़कियों को बताए एड्रेस पर ड्राप करने जाते हैं। इसमें 10 हजार से लेकर लाखों रुपए तक की बुकिंग होती है।

केंद्र सरकार ने 240 एस्कार्ट सर्विस वेबसाइटों पर लगा रखा है प्रतिबंध
- केंद्र सरकार ने एस्कॉर्ट सर्विस पेश करने वाली 240 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। गृह मंत्रालय की विशेषज्ञों की समिति की सिफारिश पर यह प्रतिबंध लगाया गया था।
- अफसरों का कहना था, ''प्रक्रिया के अनुसार असंतुष्ट व्यक्ति या पक्ष शिकायत या प्रार्थनापत्र विशेषज्ञ समिति को सौंप सकता है।''
- हालांकि एक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ''सभी वेबसाइटों के कन्टेंट पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिए बगैर आदेश दिया गया है।''
- अगर वेबसाइट अपना नाम या लिंक में हल्का सा भी बदलाव कर दे तो वह फिर से शुरू हो जाएगा। कार्यकारी ने बताया कि वेबसाइटों पर मोबाइल नंबर दिए गए हैं जिसे पकड़ा जा सकता है और ऐसी गतिविधि पर नियंत्रण के लिए दोषी को दबोचा जा सकता है।
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