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गुजरात-हिमाचल में गठबंधन पर कांग्रेस की नियत ठीक नहीं, SP में परिवारवाद हावी: मायावती

बसपा सुप्रीमों मायावती ने पार्टी मुख्यालय से बयान जारी किया।

Danik Bhaskar | Nov 16, 2017, 03:09 PM IST
मायावती ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आनें से रोकने के लिए हमारी पार्टी लगातार काम कर रही है। (फाइल) मायावती ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आनें से रोकने के लिए हमारी पार्टी लगातार काम कर रही है। (फाइल)

लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को एक बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि बसपा गठबंधन से परहेज नहीं करती है लेकिन सम्मान मिलना चाहिए। गुजरात और हिमाचल के चुनावों पर कमेंट करते हुए कहा कि कांग्रेस की नीयत गठबंधन पर ठीक नहीं है। यूपी के निकाय चुनावों में भी बसपा अपने सिंबल पर ही लड़ेगी, पार्टी में यदि निर्दलीय कोई उतरता है तो वो बाहर किया जाएगा।

'गुजरात और हिमाचल चुनावों में गठबंधन पर कांग्रेस की नीयत ठीक नहीं'
- मायावती ने कहा"भाजपा को सत्ता में आनें से रोकने के लिए हमारी पार्टी लगातार काम कर रही है।
- बसपा गठबंधन करने के खिलाफ नहीं है। लेकिन एक सम्मान जनक स्थिति होनीं चाहिए। सम्मानजनक सीटों के आधार पर ही हमें यह गठबंधन मंजूर होगा।
- कांग्रेस पार्टी की नीयत गठबंधन पर बहुत ही खराब है। हिमाचल में 68 विधानसभा सीटों में से 10 और गुजरात में 182 में से 25 सीटे भी कांग्रेस बसपा को देने को तैयार नहीं हुई।

बसपा के सिंबल के सिवाय चुनाव लड़ने वाले होंगे बाहर
- सत्ताधारी बीजेपी सरकार निकाय चुनाव में साम, दाम, दण्ड, भेद आदि समेत अनेकों हथकण्डे अपना रही है। जिससे जनता खुद भी परेशान है। बीजेपी घोर वादा ख़िलाफी का पाप करके जनता को ठगने वाली बदनाम पार्टी बन गई है।

- बसपा पूरी तरह से अम्बेडकरवादी सोच की पार्टी है। सपा और कांग्रेस की तरह परिवारवादी पार्टी नहीं है और ना ही कभी बन सकती है।

- यूपी के निकाय चुनावों में बसपा पहली बार अपने सिंबल पर चुनाव लड़ रही है। इसलिए पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को निर्दलीय के चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं। ऐसा करने वालों को पार्टी से बाहर किया जाएगा।

गुजरात में लगातार भाजपा सरकार इस बार कांटे की टक्कर
- गुजरात में कुल 182 सीटों पर इस वक्त चुनाव हो रहे हैं। इसके पहले विधानसभा चुनाव 2012 में भाजपा को 119, गुजरात परिवर्तन पार्टी के 2, कांग्रेस के 57, जेडीयू का 1, एनसीपी का 1 और 2 निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर आए थे। जिसके बाद भाजपा ने सरकार बनाई और नरेंद्र मोदी सीएम बनें थे।
- लेकिन 2014 लोकसभा चुनावों में भाजपा की ओर से नरेंद्र मोदी को पीएम कैंडिडेट बनाया गया, जिसके बाद आनंदीबेन को गुजरात का सीएम बनाया गया। वहीं, 2017 के चुनावों से कुछ दिन पहले ही आनंदीबेन पटेल को हटाकर 7 अगस्त 2016 को विजय रूपानी को सीएम बनाया गया।
- इस बार हो रहे गुजरात विधानसभा चुनावों में हार्दिक पटेल का आंदोलन और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जायेश शाह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद से कांग्रेस को वहां बढ़त मिली है। इससे कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की हो गई है।

आने वाले समय में बीएसपी इतिहास की बात होगी: डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र पांडेय ने कहा, "गठबंधन की बात से बीएसपी की मौजूदा स्थिति को समझा जा सकता है। आने वाले समय में बीएसपी इतिहास की बात होगी।"

उन्होंने कहा कि बसपा गठबंधन से परहेज नहीं करती है। (फाइल) उन्होंने कहा कि बसपा गठबंधन से परहेज नहीं करती है। (फाइल)