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GPS से 15 दिन में बचाए 23 लाख रुपए,अब नगर निगम कर रहा ये काम

नगर निगम ने कूड़ा उठाने का ठेका ईको ग्रीन कंपनी को दिया है, यह कम्पनी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करती है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 14, 2017, 09:17 PM IST

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    पहले राउंड में 168 गाड़ियों की मानीटरिंग के बाद 23 लाख रुपए बचने की रिपोर्ट आई।
    लखनऊ. नगर निगम ने डीजल चोरी की शिकायतों को देखते हुए 15 दिन पहले ट्रायल के तौर पर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगवाया था। 15 दिन बाद टेस्ट जो नतीजे आए वो चौंकाने वाले हैं। इन 15 दिनों में नगर निगम को 23 लाख रुपए की बचत हुई। वहीं, ट्रायल पास करते हुए नगर निगम अब कूड़ा उठाने वाली हर गाड़ी में जीपीएस लगवाने का फैसला लिया है। ये हुई थी शिकायत...
    - नगर निगम ने कूड़ा उठाने का ठेका ईको ग्रीन कंपनी को दिया है, यह कम्पनी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करती है। लेकिन अभी यह कम्पनी निगम क्षेत्र में आने वाला पूरा एरिया नहीं कवर कर सकी है।
    - इसके लिए नगर निगम ने अपनी ओर से 300 गाड़ियां और सफाईकर्मी कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए हैं। सितंबर महीने में नगर निगम को पट्रोल पम्प से 90 लाख से अधिक का बिल आया था।
    - जिसके बाद निगम के अधिकारियों ने टेस्टिंग के तौर पर 168 गाड़ियों में जीपीएस लगाया था। 15 दिन तक इन गाड़ियों की मानीटरिंग की गई तो डीजल चोरी का पूरा खेल सामने आ गया।
    15 दिन में बचे 23 लाख
    - शुरुआत में नगर निगम ने सभी बड़ी गाड़ियों में जीपीएस लगाया था। पहले राउंड में 168 गाड़ियों की मानीटरिंग के बाद 23 लाख रुपए बचने की रिपोर्ट आई।
    - इसके बाद रिपोर्ट नगर आयुक्त उदयराज सिंह के सामने पेश की गई। जिसके बाद उन्होंने नगर निगम की सारी गाड़ियों में जीपीएस लगवाने का निर्देश जारी कर दिया।
    - मंगलवार तक नगर निगम की 218 गाडियों में जीपीएस लगवाए जा चुके हैं। वहीं, नगर आयुक्त ने तीन दिन के अंदर सारी गाड़ियों में जीपीएस लगवाने का काम पूरा करने का आदेश दिए हैं।
    अभी केवल 50 परसेंट एरिया ही कवर कर पाई है ईको ग्रीन
    - नगर आयुक्त ने बताया, "अभी ईको ग्रीन काफी एरिया कवर नहीं कर पाई है। कम्पनी इसको लेकर काम कर रही है। जोन आठ और पांच में ईको ग्रीन ने सारा एरिया कवर कर लिया है। वहां नगर निगम की गाड़ियां नहीं जाती हैं।
    - जोन 4 में 80 परसेंट, जोन 7 में 40 परसेंट, जोन 3 और 6 में 30 परसेंट, जोन 2 में 20 परसेंट और जोन 1 में 30 परसेंट एरिया का कूड़ा उठाने का काम ईको ग्रीन करता है।"
    क्या कहते हैं नगर आयुक्त
    - नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने बताया कि, "जीपीएस लगाने के बाद कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों से डीजल चोरी पर अंकुश लगा है। शुरुआत में 168 गाड़ियों में जीपीएस लगाकर ट्रायल किया गया, जिसमे 15 दिन में ही 23 लाख रुपए बचे हैं। सभी गाड़ियों में अब जीपीएस लगवाया जा रहा है। 2 दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।"
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