--Advertisement--

UP पुलिस के तीन SP को दिया गया कंपल्सरी रिटायरमेंट, IPS के लिए बनी स्क्रेनिंग टीम

यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त और बेलगाम अफसरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 12:16 AM IST

लखनऊ. लखनऊ. यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद करप्शन में लिप्च और बेलगाम अफसरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सहमति के बाद पुलिस, शिक्षा और वाणिज्य कर विभाग के कुल 16 अफसरों पर कंपल्सरी रिटायरमेंट दे दी गई। कुल 16 अफसरों में पुलिस विभाग में तीन सीओ, सेल्स टैक्स डिर्पाटमेंट के अडिशनल कमिश्नर और जॉइंट कमिश्नर स्तर के पांच अफसरों, शिक्षा विभाग में बीएसए स्तर के 8 अफसरों के रिटायरमेंट की संस्तुति कर दी गई है। स्क्रीनिंग के लिए कमेटी गठित...

- गृह सचिव भगवान स्वरूप ने बताया, ''शासन के निर्देशानुसार प्रान्तीय पुलिस सेवा के अपर पुलिस अधीक्षकों (एएसपी) और पुलिस उपाधीक्षकों (डिप्टीएसपी) की स्क्रीनिंग के लिए प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में डीजीपी व विशेष सचिव कार्मिक की 3 सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया था। 2 नवंबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक संपन्न हुई।''
- ''शासनादेश के मुताबिक, एएसपी स्तर के 118 और डिप्टीएसपी स्तर के 316, कुल 434 अफसरों के विभागीय डाक्यूमेंट्स पर विचार किया गया।''
- ''इन अफसरों के डाक्यूमेंट्स का गहराई से परीक्षण करने के बाद डिप्टीएसपी स्तर के केश करन सिंह, कमल यादव और श्योराज सिंह की दक्षता और कार्यक्षमता निम्न स्तर की पाए गए। इसपर समिति की संस्तुति के आधार पर सीएम के आदेश के बाद गुरुवार को कंपल्सरी रिटायरमेंट दे दी गई।''
- ''इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक के 41 अफसर, जिनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां अधूरी पाई गईं। उन्हें जल्द से जल्द पूरी कराकर स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए समिति की आगामी बैठक के लिए डिफर रखने का फैसला लिया गया।''
- ''वहीं, डिप्टीएसपी स्तर के 9 अफसरों के विभागीय डाक्यूमेंट्स कंपल्सरी रिटायरमेंट के दृष्टिकोण से विचार योग्य नहीं पाए गए।''

IPS की स्क्रीनिंग को लेकर कमेटी हुई गठित
- अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक की स्क्रीनिंग के बाद अब आईपीएस अफसरों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
- इसको लेकर कमेटी गठित की गई है, मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई है।
- इसमें यूपी के आईपीएस अफसरों पर विचार किया जाएगा। कमेटी की सिफारिश पर आईपीएस अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्त दी जाएगी।
- इस कमेटी में उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी, यूपी डीजीपी सुलखान सिंह, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार और आईएएस सुधीर एम बोबडे भी शामिल होंगे।