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​अब हेरिटेज होटल नहीं बनाएंगे अखिलेश-डिंपल, ​वापस लेंगे अर्जी; ​कोर्ट ने ​रिहायश के लिए ​मरम्मत कराने की दी अनुमति

साथ ही कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि वहां पर किसी प्रकार का आधारभूत निर्माण नहीं किया जायेगा।

Danik Bhaskar | Sep 01, 2018, 12:11 PM IST

लखन​ऊ. ​इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनउ खंडपीठ ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव के विक्रमादित्य मार्ग पर बंगला नंबर ए-1 के जीर्णोधार की अनुमति दे दी। साथ ही चेतावनी भी दी है कि वहां पर किसी प्रकार का आधारभूत निर्माण नहीं किया जायेगा। कोर्ट ने यह अनुमति इस बात के मददेनजर दी कि दोनों की ओर से कोर्ट के आश्वस्त किया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने बदली परिस्थितियों में हेरिटेज होटल बनाने का इरादा त्याग दिया है और उक्त बंगले को केवल अपने रिहायश के लिए प्रयोग करेंगें।

यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस अब्दुल मोईन की बेंच ने पूर्व मुख्यमंत्री व उनकी पत्नी की ओर से दायर एक अर्जी पर पारित किया। दोनों ने अपनी अर्जी में कहा था कि बंगला नंबर ए-1 पहले खसरा नंबर 8 सी के नाम से जाना जाता था जिसे उन्हेंने श्रीमती उज्जवला रामनाथ से खरीदा था और नियमानुसार फ्री होल्ड करा लिया था। उक्त प्लाट पर 1940 के करीब एक बंगला बनाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री व उनकी पत्नी की ओर से वरिष्ठ वकील जे एन माथुर व अमित कुमार सिंह भदौरिया ने कहा कि उक्त प्लाट पर हेरिटेज होटल बनाने के लिए एलडीए से अनुमति मांगने के लिए अर्जी दी गयी थी लेकिन अब दोनों लोग उस अर्जी को वापस ले लेंगें और उस बंगले को केवल रिहायश के लिए उपयोग में लायेगें। सारी परिस्थितियें पर गौर करने के बाद कोर्ट ने कहा कि ऐेसे में रिहायश के लिए इस्तेमाल करने के लिए मरम्मत कराने की अनुमति न देने का कोई औचित्य नहीं है।

दरअसल, बीते 18 अगस्त को एक पीआईएल पर सुनवायी करते हुए कोर्ट ने विक्रमादित्य मार्ग, कालिदास मार्ग व गौतम पल्ली के इर्द गिर्द वीवीआईपी इलाकें में कई प्लाटो पर निर्माण कार्य करने पर रोक लगा दी थी । इनमें से एक प्लाट वह भी था जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनकी पत्नी हेरिटेज होटल बनाना चाहती थी और इसके लिए एलडीए से आवश्यक अनुमति के लिए आवेदन किया था।