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सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छाया कानून व्यवस्था का मुद्दा, पार्टी का आरोप- धर्मनिरपेक्ष ढांचे को तहस नहस करने में जुटी है भाजपा सरकार

एक वर्ष पहले
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समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अखिलेश के साथ मौजूद कई वरिष्ठ नेता - Dainik Bhaskar
समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अखिलेश के साथ मौजूद कई वरिष्ठ नेता
  • लखनऊ पार्टी कार्यालय में हो रही बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पार्टी के सभी दिग्गज नेता और पदाधिकारी मौजूद हैं
  • राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने के बाद समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक कई बयान जारी किया

लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को यहां शुरू हो चुकी है। बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पार्टी के सभी दिग्गज नेता और पदाधिकारी मौजूद हैं। बैठक शुरू होते ही अखिलेश यादव ने समाजवादी बुलेटिन को नए स्वरूप में लॉन्च करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी की तरफ से राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति मजाक बनकर रह गई है। केंद्र और यूपी की सरकार निर्लज्जता से धर्मनिरपेक्ष ढांचे को भी तहस-नहस करने में जुटी हुई है।

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राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने के बाद समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक कई बयान जारी किए गए। इसमें केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को कई मुद्दों पर घेरा गया है। बयान के मुताबिक, आज आम भारतीय का आत्मबल टूट चुका है, वह निराश, उदास और कहीं क्रोध में है। सत्ता उसके लिए एक भयानक राक्षस की तरह है जो हर पल उसका शोषण करती जा रही है। गांव वीरान हो रहे हैं। खेती और किसान उपेक्षित हैं। बेकारी सुरसा की तरह बढ़ रही है। जहां लूट ही लूट है, कौन कितना लूट सकता है, इसकी होड़ है।

देश की मौजूदा सरकार का लक्ष्य केवल सत्ता में बने रहना - सपा
पार्टी का कहना है कि सरकार और उसके सहयोगी संगठन एक तरह की नई परिभषा गढ़ रहे हैं और निर्लज्जतापूर्वक संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को तहस-नहस करने में लगे हुए हैं। पार्टी ने कहा, 'देश की मौजूद सरकार का लक्ष्य केवल किसी न किसी तरीके से सत्ता में बने रहना और सत्ता को हासिल करना है। छल और बल से अपनी विचारधारा को जनता पर थोपना और जनता के सरोकार के सारे कार्यों की उपेक्षा करना एक सामान्य बात हो गई है।'

रूस जैसा विश्वसनीय सहयोगी भी गलत नीतियों की वजह से दूर जा रहा 
सपा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि हमारी विदेश नीति अपने मूल लक्ष्य से भटक गई है। रूस हमारा सबसे विश्वसनीय मित्र देश था, लेकिन हमारी गलत नीतियों के चलते उसका झुकाव भी पाकिस्ना की तरफ होने लगा है। हम बिना किसी संकोच के यह कह सकते हैं कि हमारे मित्र देशों की संख्या कम हुई है और शत्रु देशों की संख्या बढ़ी है जबकि सफल विदेश नीति वह होती है, जिसमें मित्र देशों की संख्या बढ़े और शत्रु देशों की संख्या घटे।