68500 सहायक शिक्षक भर्ती मामला  / दो सदस्यीय खंडपीठ ने एकल पीठ का फैसला पलटा, सीबीआई जांच का आदेश खारिज

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 11:44 AM IST


assistant  teacher deputation bench of 2 judges reverted previous decision says no cbi enquiry
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assistant  teacher deputation bench of 2 judges reverted previous decision says no cbi enquiry
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  • भर्ती प्रकिया में अनियमितता को लेकर एकल पीठ ने दिया था आदेश 
  • सरकार की ओर से दायर हुई थी विशेष याचिका 

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में सहायक शिक्षकों के 68 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रकिया में कथित गड़बड़ी के लेकर एकल पीठ द्वारा पारित सीबीआई जांच के आदेश को रद कर दिया है। डिवीजन बेंच ने पहले ही 11 दिसम्बर 2018 को एकल पीठ के उक्त आदेश पर अंतरिम रेाक लगा दी थी और साथ ही सीबीआई को इस मामले में दर्ज की गयी प्राथमिकी के संदर्भ में कोई कार्यवाही करने से भी रोक दिया है। 

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोविंद माथुर व जस्टिस मनीष माथुर की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अपील केा मंजूर करते हुए सोमवार को कहा कि प्रकरण में एकल पीठ के समछ ऐसा कोई मैटीरियल नहीं था कि सीबीआई जांच का आदेश दिया जाताा। 

 

सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने पूर्व में तर्क दिया था कि पूरी भर्ती प्रकिया पारदर्शी व निष्कलंक है। इसमें किसी  प्रकार का अपराधिक कृत्य या षणयंत्र शामिल नहीं है जबकि एकल पीठ ने अपने आदेश में बिना किसी सबूत और जाचं के ही भर्ती में भ्रष्टाचार करार दे दिया जो कि सरासर तथ्यें के विपरीत और मनमाना है। 

महाधिवक्ता का यह भी तर्क था कि कुछ अभ्यर्थियों के मामले में परीक्षक से गलती हो गई थी जिसे स्वीकार करते हुए ठीक कर लिया गया था जिसके बाद एकल पीठ के सीबीआई जांच का केई औचित्य नहीं था। उनका तर्क था कि एकल पीठ का बिना तथ्यें के बिना ठीक से देखे व समझे ही पारित किया गया है लिहाजा ठहरने येग्य नहीं है। 
अपने आदेश में कहा कि बिना जाचं के ही किस प्रकार किसी भर्ती  प्रकिया में भष्टाचार होने की बात आदेश में रिकार्ड की जा सकती थी जबकि एकल पीठ के समछ कोई ऐसा मैटीरियल नहीं था। कोर्ट ने कहा कि केवल इस वजह से सरकार की ओर से गठित जांच कमेटी में सरकार के तीन अफसर थे यह नहीं कहा जा सकता है कि जाचं निष्पक्ष नहीं हेाती।
 
दरअसल, एकल पीठ के जस्टिस इरशाद अली ने गत 1 नंवबर, 2018  को शिक्षक भर्ती में प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार होने की बात कहते हुए सीबीआई के भर्ती मामले में पूरी चयन प्रक्रिया की जांच के आदेश दे दिए थे। साथ ही एकल पीठ ने कहा था कि यदि सीबीआई जाचं में शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी की संलिप्तता आती हो तो सक्षम अधिकारी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। 

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