उप्र / केरल के राज्यपाल आरिफ बोले- कानून बनने के बाद उसका पालन जरूरी, विचारक तारिक ने कहा- हिंसा बढ़ाने वाले देश के दुश्मन

(बाएं से) संगोठी में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित व विचारक तारिक फतेह। (बाएं से) संगोठी में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित व विचारक तारिक फतेह।
अयोध्या पहुंचने पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सर्किट हाउस में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर। अयोध्या पहुंचने पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सर्किट हाउस में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर।
X
(बाएं से) संगोठी में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित व विचारक तारिक फतेह।(बाएं से) संगोठी में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित व विचारक तारिक फतेह।
अयोध्या पहुंचने पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सर्किट हाउस में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर।अयोध्या पहुंचने पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सर्किट हाउस में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर।

  • अवध विश्वविद्यालय में इंडिया थिंक काउंसिल की तरफ से हुई संगोष्ठी
  • श्रीराम: वैश्विक सुशासन के प्रणेता विषय पर वक्ताओं ने दिया व्याख्यान

दैनिक भास्कर

Jan 21, 2020, 08:26 PM IST

अयोध्या. नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- कानून बन जाने के बाद उसका पालन जरूरी है। कांग्रेस सहित अन्य दलों को भी इसे अस्वीकार करने का हक नहीं है। इसके विरोध में कोर्ट जरुर जा सकते हैं। अगला चुनाव जीतकर इसे बदल सकते हैं। लेकिन लोकसभा व राज्यसभा से पारित होकर राष्ट्रपति के इस पर हस्ताक्षर होने के बाद इसे मानने से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं, विचारक व पत्रकार तारिक फतेह ने कहा- राम मंदिर का विवाद अब फैसला आने से समाप्त हो गया है। किसी की जमीन पर मस्जिद बना लेना कहां सही है? क्या जमीन बाबर को ठेके में मिली थी? अब मंदिर पर फैसले के बाद शैतान का काम खत्म हो गया। जो लोग हिंसा को बढावा दे रहे हैं, वे देश के दुश्मन हैं। 

दरअसल, मंगलवार को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में मंगलवार को 'श्रीराम: वैश्विक सुशासन के प्रणेता' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और प्रत्रकार व विचारक तारिक फतेह बतौर वक्ता बोल रहे थे। यह कार्यक्रम अवध विश्वविद्यालय में इंडिया थिंक काउंसिल की ओर से आयोजित किया गया।

केरल सरकार संविधान के मुताबिक करे कार्य

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- चाहे कोई पक्ष में हो या विपक्ष में, किसी पद पर या साधारण नागरिक हो, संविधान व कानून का सम्मान करना उसके अनुसार आचरण करना उसकी बाध्यता है। जब सामान्य नागरिक के लिए संविधान का पालन करना जरूरी है तो जिम्मेदारी के पदों पर रहकर इसको अनदेखा करना चाहते हैं, तो हमारी शुभ कामना। हम विपक्ष पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। अब कांग्रेस सहित अन्य दलों के लोग भी यह कहने लगे हैं कि मैं इसे लागू नही करूंगा। लेकिन वे ऐसा नहीं कह सकते। इसके विरोध में कोर्ट जा सकते हैं। अगला चुनाव में जीत कर इसे बदल सकतें है, पर लोक सभा व राज्य सभा से पारित होकर राष्ट्रपति का इस पर हस्ताक्षर होने के बाद इसे मानने से इंकार नही किया जा सकता।


केरल विधान सभा की नियमावली का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी विषय जो राज्य सरकार के अधीन नही आता, उसपर विधान सभा में चर्चा नहीं की जा सकती। इस तरह के केस पर जहां केंद्र व राज्य सरकार के रिश्तों व हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से संबंधित कोई मामला आ जाए तो बिना गर्वनर के संज्ञान मे लाए इसके खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह से अनुचित है। अब मैंने अपनी राय इस पर दी है। ऐसे मे केरल सरकार को संविधान के मुताबिक कार्य करना चाहिए। गर्वनर का दायित्व है कि वह संवैधानिक मान्यताओं के अनुसार सरकार चले। 
   
ज्ञान से भारत की पहचान, प्रभु राम ने शबरी के जूठे बेर खाए

गर्वनर आरिफ खान ने भारत की संस्कृति की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होने कहा- विश्व में भारत की पहचान इसके ज्ञान को लेकर है। उन्होने विश्व की चार संस्कृतियों की तुलना की। कहा- ईरान व रोमन विलासिता व सुंदरता की संस्कृति से पहचाने जाते हैं, चीन कौशल व विधि की संस्कृति से जाना जाता है। वहीं भारत की संस्कृति ज्ञान की है। विषम हालातों में भी भारत ने अपनी संस्कृति को संरक्षित रखा। रामायण के प्रसंगो का उदाहरण देते हुए आरिफ ने कहा कि यह सब केवल प्रभु राम के सुशासन व आदर्श के अनुपालन से सम्भव हो सका है। श्रीराम वैश्विक सुशासन के प्रणेता विषय पर आयोजित व्याख्यान में उन्होंने कहा कि इस समय देश आईटी युग में है। लेकिन अब ज्ञान युग की शुरूआत हो गई है। देश में हिंसा पर उन्होंने कहा कि भगवान राम ने शबरी का दिल रखने के लिए उसके जूठे बैर खाए। एक गरीब का दिल रखना 100 बार हज करने के बराबर है। मुस्लिम स्कालरों ने भी अपने ग्रंथों में पहला चैप्टर भारत को दिया है। जहां दिल को दिल से जोड़ कर रहने की संस्कृति है। इसे बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है।  


शासक ज्ञान के दुश्मन, कई बार हुए आक्रमण
आरिफ मोहम्मद खान ने ज्ञान का सबसे बड़ा दुश्मन शासको को बताया। कहा- भारत के ज्ञान के भंडार को नष्ट करने के लिए हमले किए गए। दुर्लभ पुस्तकों की लाइब्रेरियों को नष्ट किया गया, फिर भी इनमें कई बची रहीं। इससे बाद भी भारत की ज्ञान संपदा संरक्षित रखने के यत्न किए गए।

तारिक फतेह बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब शैतान का काम खत्म

सगोष्ठी के तकनीकी सत्र को संबोधित करने पहुंचे विश्लेषक व पत्रकार तारिक फतेह ने कहा- राम मंदिर का विवाद अब फैसला आने से समाप्त हो गया है। किसी की जमीन पर मस्जिद बना लेना कहां सही है। बाबर को क्या ठेके में मिली थी जमीन। अब मंदिर पर फैसले के बाद शैतान का काम खत्म हो गया। जो लोग हिंसा को बढावा दे रहे हैं वे देश के दुश्मन हैं। उन्होने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत का सामाजिक सांस्कृतिक एवं आर्थिक ढाचें को तहस नहस कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सिंध और पंजाब के बिना अधूरा है। रामराज्य देश तब स्थापित होगा जब पंजाब और सिंध भारत का हिस्सा होगा।   

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना