अयोध्या / निर्मोही अखाड़ा के पंच बोले- ट्रस्ट में एक सदस्य को शामिल करना काफी नहीं; मिले पूजा का पूरा अधिकार

बैठक में निर्मोही अखाड़े के पंच। बैठक में निर्मोही अखाड़े के पंच।
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बैठक में निर्मोही अखाड़े के पंच।बैठक में निर्मोही अखाड़े के पंच।

  • बीते पांच फरवरी को पीएम मोदी ने लोकसभा में राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का किया था ऐलान
  • ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े से महंत दिनेंद्र दास को किया गया है शामिल
  • आगामी 19 फरवरी को दिल्ली में होने वाली बैठक में निर्मोही अखाड़ा रखेगा अपना पक्ष

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 05:17 PM IST

अयोध्या. राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 19 फरवरी को दिल्ली में होने वाली पहली बैठक से पहले गुरुवार को अयोध्या में निर्मोही अखाड़े के पंचों की बैठक हुई। जिसमें कई पंच शामिल हुए। इस दौरान अखाड़े के सरपंच राजाराम भद्राचार्य ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की उपेक्षा व मनमानी से नाराज हैं। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया है कि, ट्रस्ट में केवल एक सदस्य के शामिल किए जाने से काम नहीं चलेगा। निर्मोही अखाड़े को ही पूजा करने का अधिकार मिलना चाहिए। 


निर्मोही अखाड़ा के पंचों ने कहा- ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा के ट्रस्टी बनाए गए महंत दिनेंद्र दास 19 फरवरी को दिल्ली में आयोजित राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की बैठक में मांग करेंगे कि ट्रस्ट में अखाड़ा के 6 अन्य सदस्यों को भी शामिल किया जाए। साथ ही अखाड़ा को ही मंदिर में पूजा करने का अधिकार देने की मांग बैठक में की जाए। अखाड़ा में कुल 13 पंच हैं। 

महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि पंचों की बैठक में जो निर्णय किया गया है उसे वे ट्रस्ट की 19 फरवरी को होने वाली बैठक में रखेंगे। कहा कि निर्मोही अखाड़ा से केवल उन्हीं को ट्रस्टी बनाया गया है, जबकि पंचों की मांग है कि कम से कम 6 सदस्यों को अखाड़ा से स्थान दिया जाए।

निर्मोही अखाड़ा सांवरिया धाम राजस्थान के महंत व पंच सुरेश दास ने कहा- हम सरकार पर दबाव की राजनीति नहीं कर रहे हैं। हमारी मांगों को मानना न मानना उनका अधिकार है। अगर ट्रस्ट में जगह नहीं मिलती है तो मंदिर निर्माण में व्यवस्था विस्तार योजना में कम से कम छह पंचों को शामिल किया जा सकता है, जो महंत दिनेंद्र दास के निर्देशन में पूजा व्यवस्था आदि में लगाए जा सकेंगे।

दिनेंद्र दास को वोटिंग का अधिकार नहीं
बीते साल 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद केस का फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने के लिए तीन माह का समय दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच फरवरी को लोकसभा में ट्रस्ट का ऐलान किया। इसमें 15 लोगों को शामिल किया गया है। जिसमें तीन सदस्य अयोध्या राजपरिवार के बिमलेंद्र मोहन मिश्र, वरिष्ठ डॉक्टर अनिल मिश्र व निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास अयोध्या के शामिल हैं। 

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