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रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करेंगे, यही स्टैंड बाकी मुस्लिमों का: वक्फ बोर्ड चेयरमैन

9 महीने पहले
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  • अयोध्या फैसले पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी बोले- मैं खुश हूं, कोर्ट के निर्णय का सम्मान करें लोग
  • अलीगढ़, मुजफ्फरनगर और कानपुर में इंटरनेट सेवाएं ठप; सीएम योगी डॉयल-100 मुख्यालय पहुंचे थे
  • प्रदेश के 21 संवेदनशील जिलों में चप्पे-चप्पे पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनात
  • डीजीपी ने कहा- अगर जरूरत पड़ी तो पूरे प्रदेश में बंद की जाएगी इंटरनेट सेवाएं
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लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन आवंटित की जाए। इसके साथ ही, केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह मंदिर निर्माण के लिए तीन माह में ट्रस्ट बनाएं।
 
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारुकी ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरी तरह से सम्मान करते हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड कोई रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करेगा। बाकी जो मुस्लिम पक्ष हैं उनका भी यही स्टैंड रहेगा। अगर स्टैंड बदलेगा तो गलत होगा।
 
फारुकी ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की तरफ से कुछ भी बयान देता है तो हमारी राय नहीं मानी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 5 एकड़ की जमीन की मांग नहीं की थी। हम पहले बोर्ड से बात करेंगे फिर हम बता पाएंगे। बाकी फैसला पढ़ने के बाद कुछ बता पाएंगे। हम दिल से फैसले को स्वीकार करते हैं।
 
वहीं, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, \'कोर्ट का जो फैसला आया है, वह मुझे मान्य है। मैं खुश हूं। देशवासियों से अमन-चैन और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हैं। फैसला सभी लोगों को स्वीकार करना चाहिए। 
 

हर वर्ग ने किया फैसले का सम्मान
सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद हिंदू व मुस्लिम धर्मगुरु लखनऊ स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया परिसर पहुंचे। गुरु स्वामी सारंग, राजेंद्र सिंह बग्गा ने मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली से मुलाकात की। इस दौरान सभी धर्मगुरुओं ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम सम्मान और स्वागत करते हैं। 
 
फैसला आने के बाद महोबा में हिन्दू और मुस्लिम धर्म गुरुओं ने एक दूसरे के गले मिलकर खुशी जताई। आल्हा परिषद के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ, शहर काजी आफाक हुसैन के घर जा कर उनसे गले मिले और मुंह मीठा करा कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि फैसला किसी के भी पक्ष में आता हमें मंजूर था। हम पहले भी एक थे और आज भी एक हैं।
 

प्रदेश के 21 जिले संवेदनशील, 3 जिलों में इंटरनेट बंद
प्रदेश के 21 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया। यहां चप्पे-चप्पे पर पैरामिलिट्री फोर्स का पहरा है। इन जिलों में अस्थायी जेलें बनाई गई हैं। यूपी से सटे नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी व अन्य अर्धसैनिक बलों की खास नजर है। इटावा में पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से शहर स्थित मुख्य बाजार बंद कराते हुए लोगों को घर में रहने की हिदायत दी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट फैसले के मद्देनजर एहतियातन अलीगढ़, कानपुर और मुजफ्फरनगर में इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद कर दी गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए यूपी 100 मुख्यालय पहुंचे थे। फैसले को लेकर प्रदेश में 9 नवंबर से 11 नवंबर तक स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
 

वॉट्सऐप नंबर-8874327341 जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त हिदायत दी है कि भड़काऊ पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई करें। सीएम ने कहा कि हर जिले में राउंड द क्लॉक कंट्रोल रूम चलेगा। छोटी से छोटी घटनाओं पर सतर्कता बरती जाए। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अगर किसी ने अमन-चैन बिगाड़ने की कोशिश की तो हम पूरी तरह से तैयार हैं और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। डीजीपी मुख्यालय ने वॉट्सऐप नंबर-8874327341 जारी किया है। इस नंबर पर शिकायत की जा सकती है।
 

रात भर प्रदेश भर में चला फ्लैगमार्च का दौर
अयोध्या विवाद पर फैसले के मद्देनजर किसी प्रकार का साम्प्रदायिक सौहार्द न बिगड़े, इसको लेकर प्रदेश के सभी जिलों में शुक्रवार रात सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया। यह संदेश देने की कोशिश की गई कि, नागरिक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन पर किसी प्रकार की कोई बंदिश नहीं है।

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