अयोध्या / रामलला 492 साल बाद चांदी के सिंहासन पर विराजे; जन्मभूमि टेंट में आखिरी बार आरती हुई, भोग और श्रृंगार लगा

चीड़ की लकड़ी के बने अस्थाई मंदिर में रामलला और उनके भाई विराजमान हुए। चीड़ की लकड़ी के बने अस्थाई मंदिर में रामलला और उनके भाई विराजमान हुए।
बुधवार तड़के 3 बजे रामलला अस्थाई मंदिर में विराजे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि में विशेष आरती की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि में विशेष आरती की।
श्रीराम जन्मभूमि में बना अस्थाई मंदिर। श्रीराम जन्मभूमि में बना अस्थाई मंदिर।
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चीड़ की लकड़ी के बने अस्थाई मंदिर में रामलला और उनके भाई विराजमान हुए।चीड़ की लकड़ी के बने अस्थाई मंदिर में रामलला और उनके भाई विराजमान हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि में विशेष आरती की।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि में विशेष आरती की।
श्रीराम जन्मभूमि में बना अस्थाई मंदिर।श्रीराम जन्मभूमि में बना अस्थाई मंदिर।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि में रामलला की विशेष आरती की
  • अस्थाई मंदिर में स्थापना के बाद श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोले गए

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 01:46 PM IST

अयोध्या. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के दिन श्री रामलला, उनके भाइयों और भक्त हनुमान को बुधवार रात करीब 3 बजे चीड़ की लकड़ी और कांच से बने के अस्थाई मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि स्थित मानस भवन में मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए दान में 11 लाख रुपए का चेक भी दिया। इससे पहले मंगलवार को मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने भगवान से नए स्थान पर विराजने की प्रार्थना की और सालों से चली आ रही रस्म को पूरा करते हुए नए मंदिर का वास्तु पूजन किया। रात 2 से तड़के 3 बजे तक टेंट में स्थित गर्भगृह में श्रीरामलला की अंतिम बार आरती, भोग और श्रृंगार किया गया। 1528 के बाद पहली बार श्रीरामलला चांदी के सिंहासन पर विराजमान हुए।

श्रीरामलला को उनके भाइयों व हनुमानजी समेत अलग-अलग पालकियों में बिठाकर ले जाया गया। प्रस्थान से लेकर प्रतिस्थापित होने के दौरान स्वस्ति वाचन हुआ। इस दौरान पहले उनका श्रृंगार हुआ। उसके बाद अभिषेक और आरती हुई। यह कार्यक्रम सुबह 7 बजे तक चला। इसके बाद श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने विशेष आरती की।

केशव मौर्य ने छप्पन भोग प्रसाद भेजा
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से नए मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला को "छप्पन भोग प्रसाद" अर्पित किया गया। मौर्य ने इसके साथ ही राष्ट्र समाज पर आए संकट से मुक्ति और कल्याण की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि भगवान देश पर कोरोनावायरस के रूप में आई महामारी से मुक्ति देकर सभी का कल्याण करें।

राम मंदिर भूमि पूजन स्थगित हो सकता है

पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि विक्रम संवत 2077 की शुरूआत व चैत्र नवरात्रि के प्रतिपदा से श्रीरामलला के विराजमान होने से देश में सुख-समृद्धि और शांति आएगी। इस बीच, ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन मिश्र ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि-पूजन की तिथि तय करने के लिए 4 अप्रैल को अयोध्या में प्रस्तावित बैठक के आयोजन पर संशय है। भूमि पूजन के लिए ट्रस्ट के पास कई शुभ मूहूर्त की तिथियां हैं, जिनमें एक तिथि 30 अप्रैल भी है। लेकिन, कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकना हमारा पहला कर्तव्य है।

श्रीरामलला के अकाउंट में 2.81 करोड़ रु. नकद, 8.75 करोड़ की एफडी
अयोध्या में विराजमान रामलला के अकाउंट में 2.81 करोड़ रुपए नकद और 8.75 करोड़ रुपए की एफडी जमा है। इसके अलावा 230 ग्राम सोना, 5019 ग्राम चांदी व 1531 ग्राम अन्य धातुएं हैं। उनका नया अस्थाई मंदिर कुटी की तरह तैयार किया गया है, जिसे जर्मन पाइन लकड़ी व कांच से बनाया गया है। इसका प्लेटफार्म संगमरमर से तैयार किया गया है।

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