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अयोध्या / शिया बोर्ड के चेयरमैन का तंज- पाक से चंदा नहीं आया इसलिए हटे धवन; वेदांती बोले- याचिका के पीछे कांग्रेस का हाथ

छह दिसंबर तक अयोध्या में सुरक्षा मजबूत। छह दिसंबर तक अयोध्या में सुरक्षा मजबूत।
ayodhya verdict review petition jamiat ulema e hind rajeev dhawan up shia waqf board syed wasim rizvi
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छह दिसंबर तक अयोध्या में सुरक्षा मजबूत।छह दिसंबर तक अयोध्या में सुरक्षा मजबूत।
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  • उप्र शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा- राजीव धवन बड़े वकील हैं, ज्यादा फीस लेते हैं
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोमवार को पहली समीक्षा याचिका दाखिल की
  • राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य वेदांती ने पुनर्विचार याचिका दायर करवाने के पीछे कांग्रेस को बताया

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 05:03 PM IST

अयोध्या. सुन्नी वक्फ बोर्ड और मुस्लिम पक्ष ने अब तक अयोध्या मामले की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे वकील राजीव धवन को केस से हटा दिया गया। इस पर उप्र शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने तंज किया। उन्होंने कहा- राजीव धवन बड़े वकील हैं। ज्यादा फीस लेते हैं। इस समय पाकिस्तान के हालात खराब हैं। चंदे के लिए पाकिस्तान से ज्यादा पैसा नहीं आया होगा।। 

वहीं, भाजपा के पूर्व सांसद व राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. राम विलास वेदांती ने कहा कि मंदिर के पक्ष में कोर्ट का फैसला आने के बाद अब पुनर्विचार याचिका दायर करवाने के पीछे कांग्रेस का हाथ है। राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस दोनों कौमों के बीच कटुता बनाए रखना चाहती है। इससे देश में जो भाईचारे का माहौल बना था, उसे बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है।

पुनर्विचार याचिका का कोई औचित्य नहीं: वेदांती
डा. वेदांती ने यह कहा कि सुप्रीम कोर्ट के विद्वान पांच जजों की बेंच ने लंबी बहस के बाद फैसला सुनाया। इसके खिलाफ याचिका दायर करने का कोई औचित्य नहीं है। देश के 90% मुसलमान इसको लेकर अब कोई विवाद बढ़ाना नहीं चाहते हैं। 

उन्होंने कहा- जिनकी रोटी इसी से चलती थी वे ही परेशान हैं। कोर्ट ने जिन्हें पक्षकार ही नहीं माना वे पुनर्विचार याचिका के लिए परेशान हैं। कोर्ट ने फैसले में राम लला विराजमान व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पक्षकार माना। ये दोनों कोर्ट के आदेश का सम्मान कर रहें हैं। सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या विवाद पर दिए गए फैसले के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने

सोमवार को पहली समीक्षा याचिका दाखिल की है। 

फेसबुकर पर राजीव धवन ने लिखा
मंगलवार को फेसबुक पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने लिखा, “मुझे केस में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एजाज मकबूल ने बाबरी केस से हटाया है। एजाज पहले जमीयत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। मुझे बताया गया कि जमीयत-ए-हिंद के मदनीजी ने इशारा किया था कि मेरी तबियत ठीक नहीं है। यह पूरी तरह बकवास है।”

अदालत ने विवादित जमीन हिंदू पक्ष को सौंपी 
40 दिनों की लगातार सुनवाई के बाद 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने अयोध्या की विवादित जमीन हिंदू पक्ष को सौंपी थी। अदालत ने कहा था- विवादित जमीम पर मंदिर का निर्माण ट्रस्ट करेगा, जिसे 3 माह के भीतर केंद्र सरकार को बनाना है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।

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