उत्तरप्रदेश / सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की 26 नवंबर को बैठक, तय होगा- मस्जिद के लिए भूमि ली जाए या नहीं

प्रतीकात्मक। प्रतीकात्मक।
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प्रतीकात्मक।प्रतीकात्मक।

  • बोर्ड चेयरमैन ने कहा- उनके पास आ रहे अलग अलग मत
  • बोर्ड की बैठक में भूमि लेने पर बनी सहमति तो तय होंगी शर्तें
  • सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या केस पर मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन मुहैय्या कराने का दिया था फैसला

दैनिक भास्कर

Nov 10, 2019, 07:20 PM IST

लखनऊ. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की सामान्य बैठक 26 नवंबर को बुलाई गई है। उसमें यह निर्णय लिया जाएगा कि, मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन ली जाए या नहीं। बोर्ड अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि, उनके पास लोगों की अलग अलग मत आ रहे हैं। इसलिए आवश्यक है कि बोर्ड बैठक करके सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए। यदि भूमि लेने पर सहमति बन जाती है तब भूमि लेने की शर्तें तय होंगी। 

 

यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी ने बताया कि, बोर्ड की बैठक 13 नवंबर को प्रस्तावित थी। लेकिन अयोध्या केस को लेकर इसे टाल दिया गया। अब 26 नवंबर को बोर्ड की बैठक बुलाई है। फारुकी ने कहा कि, कुछ लोग यह राय दे रहे हैं कि, सुन्नी वक्फ बोर्ड को बाबरी मस्जिद के बदले कोई वैकल्पिक जमीन नहीं चाहिए। कहा कि, लोगों के जज्बात की हम कद्र करते हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि, वक्फ बोर्ड वह जमीन ले और उस जगह कोई शिक्षण संस्थान बनाए। उसी परिसर में एक मस्जिद भी बनाई जाए। 

 

बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि, अगर बोर्ड की बैठक में मस्जिद के लिए जमीन लेने का फैसला किया गया तो उस जमीन के आसपास की जरुरतों के हिसाब से निर्माण संबंधी कदम उठाए जाएंगे। जहां तक जमीन का मसला है तो वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हिस्सा है। जिसका अनुपालन सरकार को करना होगा।  

 

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की खंडपीठ ने शनिवार को देश के सबसे पुराने मुकदमे श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर फैसला सुनाया। पीठ ने कहा कि, जन्मभूमि रामलला विराजमान की है। राम मंदिर बनाने के लिए केंद्र सरकार को तीन माह के भीतर ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया। यह भी फैसला सुनाया कि, मस्जिद बनाने के लिए सरकार अयोध्या के किसी प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन मुहैय्या कराए। 

 

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