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अटल बिहारी वाजपेयी एम्स में भर्ती: योगी के मंत्री ने मस्जिद में मांगी लंबी उम्र की दुआ, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजा

93 साल के हैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी।

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 07:03 PM IST
प्रदेशभर में बीजेपी कार्यकर्ता अटल जी के स्वास्थ्य के लिए कामना कर रहे हैं। प्रदेशभर में बीजेपी कार्यकर्ता अटल जी के स्वास्थ्य के लिए कामना कर रहे हैं।

लखनऊ. देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी को इलाज के लिए एम्स में भर्ती किया है। बता दें कि अटलजी 9 सालों से बीमार हैं। लंबे समय बाद उनके एम्स में भर्ती होने की खबर आई। देश और प्रदेश में लोग अटलजी की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए हवन पूजन कर रहे हैं।


मंत्री ने मस्जिद में मांगी दुआ
- योगी कैबिनेट के एक मात्र मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दरियावाली मस्जिद में दुआ मांघी। उन्होंने अपने ट्विटर में लिखा, 'हम सभी के आदर्श, राजनीतिक प्रेरणास्त्रोत तथा सदैव एक अभिभावक के रूप में मुझे प्यार-दुलार देकर आगे बढ़ाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हेतु दरियावाली मस्जिद में मत्था टेक कर दुआ किया।'
वहीं, मुस्लिम कार्यसेवक मंच के अध्यक्ष आजम खान ने भी मस्जिद में दुआ मांगते हुए अटल जी के स्वास्थ की कामना की।


कानपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया हवन

- अटलजी के एम्म में भर्ती होने की खबर सुनते ही कानपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हवन कर उनके लंबे उम्र के लिए कामना की। बीजेपी कार्यकर्ता और उनके समर्थक उनकी लंबी उम्र के लिए कामना कर रहे हैं।

पैतृक गांव में खबर सुनते ही लोग परेशान
- अटल जी के पैतृक गांव बटेश्वर में उनकी तबीयत खराब होने की खबर मिलने के बाद से ही लोग परेशान हो उठे। रात से ही बटेश्वर में हवन पूजन और यज्ञ शुरू हो गया।
-लोगों की भीड़ इस पूजन के लिए उतर पड़ी। वहीं, साधुओं ने भी भगवान से उनके जल्दी स्वास्थ्य लाभ के लिए पूजन किया।
- भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत खराब होने की खबर ने शहरवासियों को व्याकुल कर दिया। प्रताप नगर में उनकी बहन के घर लोग पहुंचने लगे।


2009 में तबीयत बिगड़ी, वेंटिलेटर पर रखा गया
- 2009 में वाजपेयी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत के बाद कई दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि, बाद में वे ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बाद में कहा गया कि वाजपेयी लकवे के शिकार हैं। इस वजह से वे किसी से बोलते नहीं हैं। बाद में उन्हें स्मृति लोप भी हो गया। उन्होंने लोगों को पहचानना भी बंद कर दिया।


13 दिन के लिए पहली बार बने प्रधानमंत्री
- वाजपेयीजी 3 बार देश के प्रधानमंत्री बने। सबसे पहले वे 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने। लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी बार वे 1998 में प्रधानमंत्री बने।
- सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए। 13 अक्टूबर 1999 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया।
- अटल बिहारी वाजपेयी ने 2005 में मुंबई में एक रैली में ऐलान कर दिया कि वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रहे हैं और लालकृष्ण अाडवाणी और प्रमोद महाजन को बागडोर सौंप रहे हैं।

भाजपा की तरफ से बयान जारी कर बताया गया कि वे नियमित जांच के लिए यहां आए हैं। भाजपा की तरफ से बयान जारी कर बताया गया कि वे नियमित जांच के लिए यहां आए हैं।
भाजपा सरकार आने के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2015 में घर जाकर अटल बिहारी को भारतरत्न से सम्मानित किया था। भाजपा सरकार आने के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2015 में घर जाकर अटल बिहारी को भारतरत्न से सम्मानित किया था।