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बदायूं: पिंजरे में कैद की गई आंबेडकर की प्रतिमा, सुरक्षा के लिए तैनात किया गया गार्ड

पुलिस ने दुकानदारों से चंदा लेकर मूर्ति पर जाली लगवाई है।

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 12:53 PM IST
पुलिस ने दुकानदारों से चंदा लेकर लोहे की जाली में आंबेडकर की प्रतिमा को कैद कर दिया था। पुलिस ने दुकानदारों से चंदा लेकर लोहे की जाली में आंबेडकर की प्रतिमा को कैद कर दिया था।

बदायूं. जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के गद्दी चौक के पार्क में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को लोहे की जाली से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है मामला मीडिया में सामने आने के बाद प्रशासन ने जाली को हटा लिया है। बता दें कि गुरुवार को आंबेडकर की मूर्ति के बाहर जाली लगा दी गई थी। वहीं, फिर कोई घटना न हो इसके लिए गार्ड भी लगा दिया गया है। जानकरी के अनुसार, पुलिस ने दुकानदारों से चंदा लेकर मूर्ति पर जाली लगवाई थी। पार्क के आसपास लंबे समय से पशु बांधे जा रहे हैं। आसपास गोबर व गंदगी भी जमा की जा रही है। इससे प्रतिमा को हमेशा खतरा बना रहता है।


तैनात किया गया गार्ड
- कोतवाली पुलिस ने प्रतिमा की सुरक्षा में रात में पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी लगा दी है। इसके वावजूद बाबा साहेब की मूर्ति को जाल में कैद कर पिंजरा बना दिया गया था। बुधवार तक जो प्रतिमा खुले में थी, उसे रातों रात कोतवाली पुलिस ने लोहे के जाल में कैद करवा दिया था।

जिले के दुगरैया में मूर्ति को किया गया था भगवा

- बता दें कि 7 अप्रैल को यहां दुगरैया गांव में भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने नई मूर्ति लगाई, लेकिन प्रतिमा का कोट भगवा रंग का था। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो बहुजन समाज पार्टी के नेता हेमंत गौतम ने इसे नीले रंग में रंग दिया। हालांकि, नई मूर्ति का माल्यार्पण करते वक्त गौतम ने रंग को लेकर कोई विरोध नहीं जाहिर किया था।

बीजेपी ने कहा था- मूर्ति तोड़ने से हमारा लेना-देना नहीं
- बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक ने कहा था, "इस घटना से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है। महात्मा बुद्ध को जब बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी, तब उस समय उनका आवेश भगवा था। जब प्रातः काल को सूर्य उदय होता है, वह भी भगवा कलर का होता है। जब सूरज अस्त होता है या चंद्रोदय होता है, वह भी भगवा रंग का होता है। यह तो भारत की संस्कृति का प्रतीक है।"


यूपी में तोड़ी जा चुकी हैं कई जगह मूर्तियां

- यूपी के कई जिलों में आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने का मामला सामने आया था।
- यूपी के आजमगढ़ जिले में 10 मार्च को बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया था। जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के राजापट्टी गांव के पास आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई थी। लोगों ने खंड़ित मूर्ति को देख पुलिस को सूचना दी थी।
- इलाबाहद के झूंसी में त्रिवेणीपुरम के पास 30 मार्च को देर रात डॉ आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया था।
- 31 मार्च को सिद्धार्थनगर जिले में कुछ शरारती तत्वों ने मूर्ति का दहिना हाथ तोड़ दिया था। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के गौहनिया गांव में हुई इस घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और शरारती तत्वों की गिरफतारी के साथ मूर्ति बदलने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये थे।
- 5 अप्रैल को फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र के नगला नंदे गांव में कुछ असामाजिक तत्वों ने आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।

मीडिया में मामला सामने आने के बाद उसे हटा दिया गया है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद उसे हटा दिया गया है।
मूर्ति की सपरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किया गया है। मूर्ति की सपरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किया गया है।
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पुलिस ने दुकानदारों से चंदा लेकर लोहे की जाली में आंबेडकर की प्रतिमा को कैद कर दिया था।पुलिस ने दुकानदारों से चंदा लेकर लोहे की जाली में आंबेडकर की प्रतिमा को कैद कर दिया था।
मीडिया में मामला सामने आने के बाद उसे हटा दिया गया है।मीडिया में मामला सामने आने के बाद उसे हटा दिया गया है।
मूर्ति की सपरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किया गया है।मूर्ति की सपरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किया गया है।
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