उप्र / मॉबलिंचिंग की घटनाओं पर मायावती ने कहा- सख्त कानून बनाकर लागू करवाने की जरूरत



bsp chief mayawati attak on modi government on mob lynching issue
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bsp chief mayawati attak on modi government on mob lynching issue

  • बोलीं- अल्पसंख्यक ही नहीं, सर्वसमाज के खिलाफ भी हो रहीं घटनाएं
  • सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद बने देशव्यापी कानून

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 04:09 PM IST

लखनऊ. बसपा की अध्यक्ष मायावती ने मॉबलिंचिंग की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। मायावती ने कहा कि मॉबलिंचिंग भयानक बीमारी है जिसे खत्म करने के लिए देशव्यापी कानून बनाने की जरूरत है। केंद्र सरकार के उदासीन रवैये के चलते देश में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं।

 

मायावती ने एक बयान जारी कर यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जद में अब केवल दलित, आदिवासी और धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के लोग भी आ रहे हैं। पुलिस भी इसका शिकार बन रही है। मायावती ने कहा कि 'अब ये घटनायें काफी आम हो गई हैं और देश में लोकतंत्र के हिंसक भीड़ तंत्र में बदल जाने से सभ्य समाज में चिन्ता की लहर है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेकर केन्द्र और राज्य सरकारों को निर्देश जारी किए हैं, लेकिन इस मामले में भी केन्द्र व राज्य सरकारें कतई गम्भीर नहीं हैं जो दुख की बात है।

 

मॉब लिंचिंग में हो उम्रकैद का प्रावधान
मायावती ने कहा कि 'ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग की यह पहल स्वागत योग्य है कि भीड़ हिंसा की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग से नया सख्त कानून बनाया जाए, इसके मसौदे के रूप में आयोग ने उत्तर प्रदेश काम्बैटिंग ऑफ मॉब लिंचिग विधेयक, 2019' राज्य सरकार को सौंप कर दोषियों को उम्र कैद की सजा तय किये जाने की सिफारिश की है।'

 

सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद बने देशव्यापी कानून 
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केन्द्र सरकार को इस सम्बन्ध में अलग से देशव्यापी कानून बना लेना चाहिये था, लेकिन लोकपाल की तरह मॉब लिंचिंग जैसे जघन्य अपराध के मामले में भी केन्द्र सरकार उदासीन है तथा इसकी रोकथाम के मामले में कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है।' मायावती ने कहा कि उन्मादी व भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं से सामाजिक तनाव काफी बढ़ गया है।

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