उप्र / मायावती के निशाने पर अशोक गहलोत; कहा- कोटा में बच्चों की मौत पर कांग्रेस का नाराजगी जताना काफी नहीं, मुख्यमंत्री हटाया जाए

बसपा प्रमुख मायावती ने राजस्थान सरकार पर साधा निशाना। बसपा प्रमुख मायावती ने राजस्थान सरकार पर साधा निशाना।
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बसपा प्रमुख मायावती ने राजस्थान सरकार पर साधा निशाना।बसपा प्रमुख मायावती ने राजस्थान सरकार पर साधा निशाना।

  • बसपा प्रमुख ने कोटा में नवजातों की मौत के लिए राजस्थान के सीएम को जिम्मेदार ठहराया
  • कहा- यदि प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों से नहीं मिलतीं तो यूपी में लोगों से मिलना नाटकबाजी मानी जाएगी

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2020, 11:16 AM IST

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कोटा के अस्पताल में 105 नवजातों की मौत के मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कांग्रेस से गहलोत को पद से हटाए जाने की मांग की है। मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर लिखा- 100 माताओं की कोख उजड़ने के मामले में कांग्रेस को केवल अपनी नाराजगी जताना ही काफी नहीं है। कांग्रेस को चाहिए कि वहां के मुख्यमंत्री को तुरंत हटाकर किसी सही व्यक्ति को सत्ता में बैठाया जाए।

मायावती ने लिखा- कोटा में 100 मासूम बच्चों की मौत पर राजस्थान के सीएम का अपनी कमियों को छिपाने के लिए आए-दिन चोरी और सीनाजोरी वाला रवैया रहा। गैर-जिम्मेवार, असंवेदनशील और अब राजनैतिक बयानबाजी करना अति शर्मनाक और निन्दनीय है। ऐसे में कांग्रेस का महज नाराजगी जताने से काम नहीं चलेगा। बल्कि गहलोत को तुरन्त बर्खास्त करके वहां अपने सही व्यक्ति को सत्ता में बैठाना चाहिए। यह बेहतर होगा। वरना, वहां और भी माताओं की कोख उजड़ सकती है।

इससे पहले गुरुवार को मायावती ने तीन ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने प्रियंका का नाम लिए वगैर कहा था- यदि कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव कोटा में जाकर मृतक बच्चों की माताओं से नहीं मिलती हैं तो यहां अभी तक किसी भी मामले में यूपी में पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल राजनैतिक स्वार्थ और शुद्ध नाटकबाजी ही माना जाएगा, जिससे यूपी की जनता को सतर्क रहना है। 
 

मायावती गहलोत को लेकर पहले भी नाराजगी जता चुकीं
बसपा सुप्रीमो मायावती कांग्रेस विशेषकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर पहले भी नाराजगी जता चुकी हैं। दरअसल, 2018 में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 200 सीटों में 100 पर जीत मिली थीं। उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के पास एक विधायक जीता था। इससे राज्य में सरकार गिरने का खतरा मंडरा रहा था। वहीं, बसपा के 6 विधायक चुनाव जीते थे। इन सभी विधायकों ने बसपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली। इससे मायावती ने कांग्रेस और गहलोत पर खासी नाराजगी जताई थी। 

मायावती ने पहले ट्वीट में कहा था-
‘‘राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बीएसपी के विधायकों को तोड़कर गैर-भरोसेमंद व धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया है। यह बीएसपी मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है जो दोबारा तब किया गया है जब बीएसपी वहा कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही थी।’’

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा-
‘‘कांग्रेस अपनी कटु विरोधी पार्टी/संगठनों से लड़ने के बजाए हर जगह उन पार्टियों को ही सदा आघात पहुंचाने का काम करती है जो उन्हें सहयोग/समर्थन देते हैं। कांग्रेस इस प्रकार एससी, एसटी,ओबीसी विरोधी पार्टी है तथा इन वर्गों के आरक्षण के हक के प्रति कभी गंभीर व ईमानदार नहीं रही है।’’मायावती तभी से कांग्रेस से नाराज थीं।’’

राजस्थान में इन 6 विधायकों ने कांग्रेस जॉइन की थी
बसपा से चुनाव जीते राजेन्द्र गुढा (उदयपुरवाटी, झुंझुनूं), जोगेंद्र सिंह अवाना (नदबई, भरतपुर), वाजिब अली (नगर, भरतपुर), लाखन सिंह मीणा (करौली), संदीप यादव (तिजारा, अलवर) और दीपचंद खेरिया (किशनगढ़बास, अलवर) ने सितंबर 2018 में पार्टी छोड़ दी थी।

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