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लखनऊ / कैशियर श्याम सिंह हत्या और लूटकांड का खुलासा, बावरिया गैंग का गुर्गा पकड़ा



घटना की जानकारी देते एसएसपी घटना की जानकारी देते एसएसपी
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घटना की जानकारी देते एसएसपीघटना की जानकारी देते एसएसपी

  • वारदात को अंजाम देकर लखनऊ की गलियों में घूमते रहे बदमाश 
  • अलवर में बनीं थी लूट की योजना, 14 अक्टूबर को शहर में की थी रेकी
  • बावरिया गैंग के सदस्य गोंडा और अयोध्या में कर चुके लूट और हत्या

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 07:54 AM IST

लखनऊ. राजधानी के विभूतिखंड में गैस एजेंसी के कैशियर श्याम सिंह की हत्या और लूटकांड का शनिवार को लखनऊ पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह कांड बावरिया गैंग ने किया था। गोली मारने के बाद रुपयों से भरा बैग लेकर बदमाश करीब दो घंटे तक शहर की गलियों से घूमते रहे और बाइक से चारबाग पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग के सभी सदस्य शहर छोड़ अलवर निकल गए। वहां लूट की रकम का बंटवारा किया।

लखनऊ पुलिस ने इस प्रकरण में एक आरोपी को पकड़ लिया है। लेकिन गैंग का सरगना समेत तीन सदस्य अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पकड़ा गया बदमाश गुडगांव हरियाणा का रहने वाला है और अलवर राजस्थान में रह रहा था। इसी शख्स ने कैशियर श्याम सिंह को गोली मारी थी। उसके साथ बाइक में गुडगांव का अनूप उर्फ अन्नू सवार था।

 

सरगना के घर नवरात्र में बनी योजना : एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पकड़े गए सतवीर ने पूछताछ में बताया कि कैशियर से लूट की योजना अलवर में 9 अक्टूबर को गैंग के सरगना सुंदर के घर पर बनी थी। नवरात्र में वह सभी लोग जमा हुए थे और उसी समय सुंदर ने कैशियर से लूट की योजना बनाई थी। उसने डेट और टाइम बाद में बताने की बात कही थी। 13 अक्टूबर को सतवीर अलवर से हरिद्वार पहुंचा और 14 अक्टूबर को वह हरिद्वार से लखनऊ पहुंचा था।

 

बचने के लिए बच्चा साथ में लेकर चलता था : सतवीर गैंग का शूटर है और लूट की वारदात के दौरान विरोध करने पर वह गोली मारता था। सतवीर अपने पास पिस्टल कभी नहीं रखता था और पुलिस से बचने के लिए वह एक 9 साल के बच्चे को अपने साथ लेकर चलता था। ताकि किसी को शक न हो। 14 अक्टूबर को जब वह लखनऊ पहुंचा तो उसने साथ अलवर में रहने वाले पड़ोसी का बेटा साथ में था। सतवीर बच्चे को लेकर पीजीआई के मधु पैलेस गेस्ट हाउस में ठहरा था। 

 

15 अक्टूबर को उसकी गैंग के अन्य सदस्यों सुंदर, अनूप और सोनू से मुलाकात की और चारों ने घटनास्थल की रेकी की और उसी दिन सुंदर ने कैशियर श्याम सिंह की पहचान कराई थी, जब वह बैंक में पैसा जमा करने आया था। 

 

16 अक्टूबर को होनी थी लूट: अगले दिन 16 अक्टूबर को वारदात अंजाम दिया जाना था लेकिन उस दिन कैशियर श्याम सिंह बैंक नहीं पहुंचा। जिसके बाद प्लान में तब्दीली कर समरजीत बच्चे को लेकर उसी दिन अयोध्या चला गया। 28 अक्टूबर को फिर वह बस से चारबाग बस अड्डे पहुंचा और पीजीआई के कैलाश लॉज में जाकर रुक गया। रात 9 बजे उसकी गैंग के मेम्बर्स के साथ मीटिंग हुई और 29 अक्टूबर को लूट करने की प्लानिंग फाइनल हुई।

 

29 अक्टूबर सोमवार को तीन दिन का कैश बैंक में जाम होना था, जिसके चलते सुंदर ने पीजीआई से सुबह 8 बजे अन्नू को बाइक से होटल पर भेजा। बच्चे को कुछ पैसा देकर समरजीत ने होटल के बाहर ही छोड़ दिया और अन्नू के साथ घटना स्थल पहुंच गया।

 

साथ चल रही थी दूसरी बाइक: सुबह घटना स्थल की दोबारा रेकी करने के बाद समरजीत ने अपने कपड़े बदले, मॉक्स, कैप और लोअर पहना। ब्लैक सुपर स्पेलंडर बाइक में समरजीत और अनूप थे जबकि व्हाइट अपाचे बाइक में सुंदर और सोनू थे। घटना स्थल से चंद कदमों की दूरी पर दोनों बाइक अलग-अलग खड़ी थी। कैशियर श्याम सिंह ने जैसी की बाइक खड़ी की तो समरजीत ने बैग छीनने का प्रयास किया। कैशियर के विरोध करने पर समरजीत ने उसे गोली मार दी और बैग छीन कर भाग अनूप की गाड़ी में बैठकर भाग निकला।

 

डेढ़ घंटे तक गलियों में भटकते रहे बदमाश: एसपी अनूप सिंह का कहना है, पूछताछ में शूटर ने बताया कि, वारदात को अंजाम देने के बाद अनूप और समरजीत की बाइक के साथ सुंदर और सोनू की बाइक भी चल रही थी। एरिया की जानकारी सुंदर को थी और वह अपनी बाइक से उन्हें दिशा दे रहा था।

 

बासमंडी के पास समरजीत ने दोबारा कपड़े बदले और वहीं सुंदर से उससे रुपयों से भरा बैग ले लिया। फिर यह पॉलीटेक्निक के रास्ते मड़ियाव होते हुए कैसरबाग पहुंचे और वहां से चारबाग पहुंचे। यहां से चारों अलग अलग हो गए। समरजीत पीजीआई होटल पहुंचा और वह चेक आउट करने के बाद बच्चे के साथ जनता एक्सप्रेस से हरिद्वार के लिए निकल गया।

 

दो लाख रुपये मिले थे शूटर को: समरजीत ने बताया कि लूट की रकम का बंटवारा अलवर में सुंदर के घर हुआ था। उसे दो लाख रुपये मिले थे। फैजाबाद में रेकी और एक अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए आया था। तभी उसे पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने उसके पास 1 लाख 60 लाख रुपये बरामद किए है।

 

गोंडा में की थी लूट की वारदात: समरजीत की गिरफ्तारी की सूचना पाकर गोंडा पुलिस भी लखनऊ पहुंच गई। गोंडा जिले के स्वाट टीम इंचार्ज एसआई संदीप दूबे के अनुसार 10 अक्टूबर 17 को इसी गैंग ने रानी बाजार स्थित इलाहाबाद बैंक के बार कैश वैन से लूट की थी। जिसमें गार्ड हलीम की गोली मारकर हत्या कर दी थी और पचास लाख रुपये कैश लूट ले गए थे। पुलिस की इवेस्टिगेशन में यहीं गैंग सामने आया था।

 

25 हजार का इनाम घोषित था: हालांकि अभी तक गैंग के तीन सदस्य पकड़े नहीं गए है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार गैंग का सरगना सुंदर है और बावरिया गैंग ने फैजाबाद, गोंडा में वारदात को अंजाम दिया था। उनके ऊपर पच्चीस हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया है।

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