पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें
लखनऊ. सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वालों के पोस्टर लगाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बिना नाम लिए कहा- सरकार के मुखिया व उनके मातहत अधिकारी खुद को संविधान से ऊपर समझने लगे हैं। लेकिन, हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि संविधान से ऊपर कोई नहीं है। जवाबदेही भी तय होगी।
ये भी पढ़े
सीएए के विरोध में तोड़फोड़ करने वालों से 88 लाख रु वसूले जाएंगे, तस्वीरें होर्डिंग पर लगाई
प्रियंका ने किया ट्वीट
प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा- यूपी की भाजपा सरकार का रवैया ऐसा है कि सरकार के मुखिया और उनके नक्शे कदम पर चलने वाले अधिकारी खुद को बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान से ऊपर समझने लगे हैं। उच्च न्यायालय ने सरकार को बताया है कि आप संविधान से ऊपर नहीं हो। आपकी जवाबदेही तय होगी।
देश मठ की किताब से नहीं चलेगा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा- हाईकोर्ट ने पोस्टर लगाने पर टिप्पणी करते हुए इसे अत्यधिक अन्यायपूर्ण बताया और संबंधित व्यक्तियों की स्वतंत्रता पर एक अतिक्रमण करार दिया है। हमारी संवैधानिक जीत हुई है और योगी आदित्यनाथ जी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनके इस कृत्य से लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है। मुख्यमंत्री का जो इतिहास रहा है उसको देखा जाए तो उनके लिए यह सब मौलिक अधिकार मजाक है। देश की एकता और बंधुत्व मजाक है। देश और प्रदेश संविधान से चलेगा, मठ की किताब और मनुस्मृति से नहीं चलेगा।
चीफ जस्टिस ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था
लखनऊ में 19 दिसंबर को सीएए के विरोध में हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की शहर के चौक चौराहों पर फोटोयुक्त होर्डिंग्स लगाई गई है। इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने मामले को स्वत: संज्ञान लिया। अवकाश के दिन रविवार को चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की पीठ ने सुनवाई की। संयुक्त बेंच ने कहा- कथित सीएए प्रोटेस्टर्स के पोस्टर लगाने की राज्य की कार्रवाई अत्यधिक अन्यायपूर्ण है और यह संबंधित व्यक्तियों की पूर्ण स्वतंत्रता पर एक अतिक्रमण है।




Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.