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मस्जिद के सामने भगवान राम के भाई लक्ष्मण की मूर्ति लगने का विरोध गलत : रामकृष्ण यादव

दो पार्षदों के प्रस्तावके बाद से मुस्लिम धर्मगुरुओं ने विरोध शुरू कर दिया है।

Danik Bhaskar

Jul 02, 2018, 04:39 PM IST

लखनऊ. टीले वाली मस्जिद के सामने लक्ष्मण की मूर्ति लगाने को लेकर विरोध और समर्थन के सुर तेज होते जा रहे हैं। मुस्लिम धर्मगुरूओं के विरोध के बीच नगर निगम के पार्षद रामकृष्ण यादव ने कहा कि मस्जिद के सामने भगवान राम के भाई लक्ष्मण की मूर्ति लगने का विरोध पूरी तरह से गलत है।

- पार्षद ने कहा कि नगर निगम की जमीन पर प्रस्तावित लक्ष्मण की मूर्ति बनवाने के लिए तैयारी चल रही है। नगर निगम की जमीन पर ही मूर्ति लगेगी। इसमें टीले वाली मस्जिद के सामने का स्थान सबसे ज्यादा अच्छा और बेहतर है। इसके लिए महापौर संयुक्ता भाटिया ने अपनी अनुमति दे दी है। नगर निगम के अधीनियम के अंतर्गत एक मूर्ति जितनी लम्बी लग सकती है, उतनी लम्बी व ऊंची मूर्ति लगेगी।
- लक्ष्मण की मूर्ति किसी धार्मिक स्थल के बराबर या उससे ऊंची लगवाने की कोई चर्चा नहीं है। मूर्ति वाले क्षेत्र को लक्ष्मण का टीला कहा जाता है। नगर निगम के भीतर रिकार्ड रूम के रजिस्टर पर भी यह स्थान लक्ष्मण टीला के नाम से ही दर्ज है। फिर इसका विरोध होना ही नहीं चाहिए।

क्या है मामला: लखनऊ के दो पाषर्द रामकृष्ण यादव और रजनीश गुप्ता ने 23 जून को टीले वाली मस्जिद के सामने के नगर निगम की जमीन पर लक्ष्मण की मूर्ति लगवाने का प्रस्ताव दिया। जिसे महापौर संयुक्ता भाटिया ने मान लिया। इसके बाद तमाम मस्जिद धर्मगुरूओं की ओर से मस्जिद के सामने मूर्ति का होना गलत बताते हुए इसका विरोध किया है।

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