लखनऊ / गैंगरेप के आरोपी गायत्री प्रजापति की पेशी नहीं होने पर अदालत सख्त, जेल अधीक्षक, केजीएमयू से स्पष्टीकरण मांगा

पुलिस की हिरासत में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो) पुलिस की हिरासत में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)
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पुलिस की हिरासत में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)पुलिस की हिरासत में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)

  • एमपी एमएलए कोर्ट ने 2 जनवरी तक मांगा जवाब
  • कहा- अभियुक्तों की बीमारी के बारे में अदालत को अवगत कराए केजीएमयू

दैनिक भास्कर

Dec 17, 2019, 11:58 AM IST

लखनऊ. समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रह चुके गायत्री प्रजापति के एमपी एमएलए मामलों की विशेष अदालत में पेश न होने को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। गैंगरेप और जानमाल की धमकी के मामले में निरुद्ध गायत्री प्रसाद, एक अन्य अभियुक्त अमरेंद्र को लेकर जेल अधीक्षक और केजीएमयू से जवाब तलब कर 2 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

विशेष जज पवन कुमार राय ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक समेत सीएमओ केजीएमयू से भी जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि अभियुक्त गायत्री, अमरेंद्र को क्या बीमारी है। उनका कब तक इलाज चलेगा। दो जनवरी को रिपोर्ट पेश करें।

इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित की ओर से दाखिल उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें इस मामले का विचारण रोकने की मांग की गई थी। अदालत का कहना था कि इस मामले में किसी तरह का कोई स्थगन अर्जी मंजूर नहीं किया जाएगा। सोमवार को विशेष अदालत में इस मामले के अन्य अभियुक्त जेल से पुलिस की कड़ी सुरक्षा में हाजिर थे। लेकिन, बीमारी के चलते गायत्री और अमरेंद्र हाजिर नहीं थे।

अब तक चार लोगों की हो चुकी है गवाही
इससे पहले इस मामले का विचारण इलाहाबाद में एमपी एमएलए मामलों की विशेष अदालत में चल रहा था। अब तक इस मामले में पीड़ित समेत चार गवाहों की गवाही दर्ज हो चुकी है। चूंकि लखनऊ में अब एमपीएमएल की विशेष अदालत का गठन हो गया है इस केस की सुनवायी वापस लखनऊ में हेाने लगी है।

तीन जून, 2017 को इस मामले में गायत्री समेत सभी अभियुतों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ था। 18 जुलाई, 2017 को लखनऊ में पॉक्सो की विशेष अदालत ने इस मामले में गायत्री समेत सभी सात अभियुक्त विकास, आशीष, अशोक, अमरेंद्र, चंद्रपाल व रुपेश्वर के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी, 354 ए(1), 509, 504 व 506 में आरोप तय किया था।

इसके साथ ही गायत्री, विकास, आशीष व अशोक के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट की धारा 5जी/6 के तहत भी आरोप तय किया था। लेकिन इसके बाद इस मामले का विचारण इलाहाबाद में एमपीएलए की विशेष कोर्ट को स्थानांतरित कर दिया गया था।

यह है मामला
18 फरवरी, 2017 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गायत्री प्रसाद प्रजापति व अन्य छह अभियुक्तों के खिलाफ थाना गौतमपल्ली में गैंगरेप, जानमाल की धमकी व पाॅक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश पीड़िता की अर्जी पर दिया था। चित्रकुट की रहने वाली पीड़िता ने गायत्री प्रजापति व उनके साथियों पर गैंगेरप का आरोप लगाते हुए अपनी नाबालिग बेटी के साथ भी दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने गायत्री समेत सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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