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अभिनव प्रयास / रंग लाई डीएम बहराइच की मुहिम, नीति आयोग ने सराहना कर पीएमओ को किया ट्वीट



डीएम बहराइच-माला श्रीवास्तव डीएम बहराइच-माला श्रीवास्तव
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डीएम बहराइच-माला श्रीवास्तवडीएम बहराइच-माला श्रीवास्तव
  • विद्यादान-एक आदर्श दान मुहिम के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में किया सुधार
  • सभी विद्यालयों को आदर्श बनाने का उठाया बीड़ा

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 06:41 PM IST

बहराइच. सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव की मुहिम रंग लाने लगी है। उनके द्वारा शुरू किए गए विद्यादान एक आदर्श दान जैसे अभिवन पहल को नीति आयोग ने सराहा है, बल्कि पीएमओ को ट्वीट कर उन्हें ऐसे कार्य के लिए प्रेरित भी किया। 

 

अभियान से प्रबुद्ध वर्ग को जोड़ा: जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने पहले शिक्षा की डोर बहराइच की ओर नाम से शिक्षक प्रशिक्षण की एक मुहिम चलाई, जो अब गतिविधि आधारित प्रशिक्षण पर पूरे उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के लिए एक मॉडल बन चुकी है। इसी बीच जिलाधिकारी ने बहराइच जिले में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अभिप्रेरित करने, उदासीन और अलग थलग पड़ चुके सरकारी स्कूलों से प्रबुद्ध वर्ग को जोड़ने के लिए विद्यादान, एक आदर्श दान की शुरूआत की। आज विद्यादान इस जिले में ही नहीं, आस पास के अन्य जिलों में भी किसी न किसी अन्य नाम से संचालित हो रहा है। 

 

हर ब्लॉक में बनेंगे 10 आदर्श स्कूल: डीएम ने बताया कि सभी विकास खंडों में 10 आदर्श विद्यालय बनाए जाएंगे। ये आदर्श विद्यालय भवन ढांचा, रंगाई रोगन, शिक्षकों के क्रियात्मक अनुसंधान, विद्यालय में संचालित बाल संसद व बाल मंत्रिमंडल और विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों के लिए जाने जाएंगे। यह विद्यालय न केवल अपने बच्चों को शैक्षणिक या स्कालोस्टिक शिक्षा प्रदान करेंगे, बल्कि जनपद के अन्य 3400 विद्यालयों के लिए भी एक प्रकार का डेमोंस्ट्रेशन स्कूल बनेंगे। 

 

कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर: डीएम माला श्रीवास्तव ने बताया कि अपने व्यवहार पर सोचना, मुश्किलों को सहन करना, आत्मविश्वास का होना, भावनाओं को समझना, अपने दैनिक जीवन में सौंदर्य और आनंद को तलाश कर पाना आदि गैर-स्कालोस्टिक गुणों के उदाहरण हैं। जिन पर काम करते हुए बहराइच एक नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

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