अयोध्या / फायर ब्रांड संत एवं पूर्व सांसद वेदांती ने कहा- राम जन्म स्थान को शिफ्ट नहीं कर सकते



ex mp ravilas vedanti speaks about shree ram janam bhumi
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ex mp ravilas vedanti speaks about shree ram janam bhumi

  • बोले- त्रेतायुग में प्रभु राम के जन्म के समय न बाबर था और न ही बाबरी मस्जिद
  • नमाज तो हवाई जहाज में भी अदा हो जाती है

Dainik Bhaskar

Aug 16, 2019, 04:06 PM IST

अयोध्या. श्रीराम जन्म भूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डॉ राम विलास वेदाती ने शुक्रवार को कहा कि जहां राम लला विराजमान हैं वह उनकी जन्म भूमि के अलावा कुछ हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि जहां राम लला विराजमान हैं। वहीं भव्य राम मंदिर का बनना तय है। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि मस्जिदों के शिफ्ट करने की भी कई नजीरें मिलती है पर जन्म स्थान को शिफ्ट नहीं किया जा सकता।

 

उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब त्रेता युग में प्रभु राम का जन्म अयोध्या में हुआ तो क्या बाबर या सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड वजूद में थे?ऐसे में बाबरी मस्जिद का अस्तित्व का सवाल नही उठता। मंदिर को तोड़ कर बाद में आक्रांताओं ने इसे मस्जिद का रूप देने की साजिश रची।

 

हवाई जहाज में नमाज़ होती है
वेदांती ने कहा कि नमाज अदा करने के लिए मस्जिद का होना जरुरी नहीं होता है।इसे तो हवाई जहाज से लेकर सड़कों पर अदा किया जाता है। कोर्ट के आदेश पर एएसआई ने राम जन्म भूमि स्थल के नीचे खुदाई करवाया तो मंदिरों व देवी देवताओं के अवशेष व चिंह मिले हैं। मंदिर के साक्ष्यों के आधार पर ही  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस स्थल को मंदिर माना। 

 

सतों को अपने वकील पर पूरा भरोसा
ऐसे में कोर्ट में जो दलीलें व साक्ष्य राम लला विराजमान के वकील पेश कर रहे हैं उसके आधार पर संतों को पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में ही आएगा। उन्होंने कहा कि प्रभु राम व जन्म भूमि का विवरण वेद पुराण व सभी प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, पर बाबरी मस्जिद का जिक्र कहीं नहीं है। यहां तक कि बाबरनामा में भी इसके बाबत साक्ष्य नहीं हैं।

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