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बहराइच: सड़क पर गाय के झुंड ने ले ली महिला की जान, शव देख बेटी की हुई सदमे से मौत

शव सुबह घर पहुंचा तो बीमार बेटी मां की लाश को देखकर सदमे से फफकी और बेहोश हो गई।

Danik Bhaskar | Sep 01, 2018, 01:47 PM IST

बहराइच. यहां के गंभीरवा बाजार निवासी एक महिला अपनी बीमार बेटी के लिए शुक्रवार देर शाम को अपने रिश्तेदार के साथ बाइक से दवा लाने घर से निकली थी लेकिन रास्ते में बाइक गायों के झुंड से टकरा गई। जिससे महिला और उसका रिश्तेदार घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय महिला की मौत हो गई। शव सुबह घर पहुंचा तो बीमार बेटी मां की लाश को देखकर सदमे से फफकी और बेहोश हो गई। उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां-बेटी की मौत से कोहराम मच गया है। मुंबई में नौकरी कर रहे पति को सूचना दी गई है।

क्या है मामला: रामगांव थाना अंतर्गत गंभीरवा बाजार निवासी पुष्पा देवी (35) के पति मंगल प्रसाद मुंबई में नौकरी करते हैं। पुष्पा अपनी दो बेटियों व एक बेटे के साथ घर पर रहती थी। दो दिन से पुष्पा की 16 वर्षीय बेटी अर्चना गुप्ता की तबियत खराब थी। बेटी के दवा लाने के लिए पुष्पा बीते देर शाम को एक रिश्तेदार को बुलाकर उसकी बाइक से बहराइच के लिए रवाना हुई लेकिन बाइक सवार रिश्तेदार और पुष्पा जब नानपारा-बहराइच मार्ग पर सोहरवा गांव के निकट पहुंचे। तभी सामने से गायों का झुंड आ गया। मवेशियों से टकराकर बाइक पलट गई। मवेशी पुष्पा को रौंदते हुए आगे निकल गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। आनन-फानन में पुष्पा और उनके रिश्तेदार को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन यहां पर डॉक्टरों ने पुष्पा को मृत घोषित कर दिया। जबकि रिश्तेदार को हल्की-फुल्की चोटे आई हैं। पुष्पा का शव घर पहुंचा तो बीमार अर्चना मां की लाश देखकर फफक कर बेहोश हो गई। परिवार के सदस्यों ने पहले उसे होश में लाने की कोशिश की। सफल न होने पर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां और बहन की मौत से घर में बचे भाई-बहन का रो-रो कर बुरा हाल है। मां-बेटी की मौत की सूचना मुंबई में नौकरी कर रहे पति मंगल प्रसाद को दी गई। वह भी मुंबई से घर के लिए रवाना हुआ है।

आंगनबाड़ी सहायिका थी पुष्पा: हादसे में दम तोड़ने वाली पुष्पा गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सहायिका के पद पर तैनात थी। उसके मौत की खबर सुनकर लौकना आंगनबाड़ी केंद्र पर उसकी सहयोगी और अधिकारी उसके घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।