लखनऊ / गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की केजीएमयू में इलाज कराने की याचिका खारिज, व्हील चेयर पर बैठकर पहुंचे थे अदालत

गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो) गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)
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गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)

  • कोर्ट ने पिछली दो तारीखों पर पेश न होने पर सख्ती दिखाते हुए कहा था कि इस बार उन्हें हर हाल में पेश होना होगा
  • अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की है

दैनिक भास्कर

Jan 19, 2020, 11:22 AM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और गैंगरेप के आरोपी गायत्री प्रसाद प्रतापति को शनिवार को एमपी एमएलए कोर्ट में व्हील चेयर पर पेश किया गया। प्रजापति गैंगरेप व जानमाल की धमकी देने के मामले में काफी समय से जेल में बंद हैं। उन्होंने केजीएमयू में इलाज कराने की इजाजत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।

पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रतापति शनिवार को एमपीएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय की अदालत में जेल से व्हील चेयर पर बैठाकर लगाया गया था। अदालत ने प्रजापति व अन्य अभियुक्तों के मामले में अगली सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की है।

लगातार गैरहाजिर रहने पर अदालत ने दिखायी थी सख्ती
विशेष अदालत ने पिछली दो तारीखों पर गायत्री को पेश नहीं करने पर सख्त रुख अख्तियार किया था। अदालत ने गायत्री की बीमारी के बाबत केजीएमयू व जेल अधीक्षक से भी रिपोर्ट तलब किया था। पूछा था कि गायत्री को क्या बीमारी है। बीते दो जनवरी को इस आदेश के अनुपालन में गायत्री की बीमारी के बाबत केजीएमयू की ओर से अदालत में एक रिपोर्ट पेश किया गया।

रिपोर्ट में बताया गया था कि गायत्री को शुगर, यूरिन इन्फेक्शन, पीठ दर्द, बुखार तथा सर्दी व जुकाम की बीमारी है और सात माह से उनकी इस बीमारी का इलाज चल रहा है। तब अदालत ने केजीएमयू की इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक से पूछा था कि क्या गायत्री का इलाज जेल अस्पताल में नहीं हो सकता। चार जनवरी तक अदालत को अवगत कराएं। लेकिन उनकी ओर से कोई रिपोर्ट पेश नहीं किया गया। 

अदालत ने इस पर उन्हें व्यक्तिगत रुप से पेश होने का आदेश दिया। अदालत के इस आदेश के बाद बीते शुक्रवार को गायत्री को केजीएमयू से डिस्चार्ज कराकर जेल लाया गया।

इधर, शनिवार को अदालत में पीड़िता की सबसे बड़ी बेटी की ओर से भी एक अर्जी देकर अपना बयान फिर से दर्ज कराने की मांग की गई थी। विशेष अदालत ने यह अर्जी भी खारिज कर दी।

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