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50 हजार व्यापारियों पर लटकी रिटर्न दाखिल न होने से जुर्माने की तलवार, अन्तिम तिथि पर लगातार फेल हो रहा GST पोर्टल

यूपी टैक्स बार एसोसिएशन की मांग व्यापारियों पर लगा जुर्माना हटाया जाए और अन्तिम तिथि बढ़ायी जाए।

Danik Bhaskar | Jul 22, 2018, 10:00 AM IST

लखनऊ. जीएसटी के पोर्टल को आज तक सरकार सुधारने में नाकाम साबित हुई है। जिसका खामियाजा हर माह व्यापारियों को जुर्माने के रूम में भुगतना पड़ रहा है। इस बार भी अन्तिम तिथि पर पोर्टल फेल हो जाने से प्रदेश के करीब 50 हजार से अधिक कारोबारी रिटर्न दाखिल करने से वंचित रह गए हैं और अब उनके ऊपर जुर्माने की तलवार लटक गयी है। यूपी टैक्स बार एसोसिएशन ने जीएसटी काउन्सिल से मांग की है कि व्यापारियों पर लगा जुर्माना हटाया जाए और अन्तिम तिथि बढ़ायी जाए।


डिप्टी सीएम ने दिए थे समस्या हल करने का निर्देश : उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने अक्टूबर माह में वाणिज्यकर मुख्यालय में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में समस्या सुनने के बाद कमिश्नर वाणिज्य कर को स्पष्ट आदेश दिये थे, कि पोर्टल की खराबी का खामियाजा व्यापारी जुर्माने के रूप में नहीं भुगतेगें।
-जीएसटी पोर्टल को लेकर देश भर से व्यापारी शिकायत करते आ रहे हैं इसके बाद भी पोर्टल का तैयार करने वाली कम्पनी इसमें सुधार नहीं कर सकी है, जबकि विभाग के आईटी अनुभाग द्वारा वैट प्रण्राली में तैयार किये गए व्यास पोर्टल से कारोबारियों को कभी कोई दिक्कत नहीं हुई।
-यूपी टैक्स बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष सूर सेन सिंह व प्रान्तीय महासचिव सौरभ सिंह गहलौत ने बताया कि करीब एक सप्ताह से पोर्टल बहुत ही धीमी गति से चल रहा था। इस दौरान दो-दो घंटे तक बन्द भी हो रहा था।

18 तारीख को थी समाधान योजना रिटर्न की आखिरी डेट : उन्होंने बताया कि 18 तारीख को समाधान योजना का रिटर्न दाखिल करने की अन्तिम तिथि थी, लेकिन पोर्टल न चलने से कारोबारी रिटर्न नही दाखिल कर सके।
-इसके बाद 20 तारीख को 3बी का रिटर्न जिसमें कारोबारी अपनी खरीद दिखाते हैं,वह भी नहीं दाखिल हो सके।
-इसके चलते ऐसे कारोबारी जो कि अन्तिम तिथि पर रिटर्न दाखिल करने से वंचित रह गये हैं उन पर 50 रूपए प्रतिदिन की दर से विलंब शुल्क लग गया है। व्यापारी संगठन व टैक्सबार एसोसिएशन लगातार पोर्टल में सुधार करने की मांग करता आ रहा है। बार एसोसिएशन के दोनों पदाधिकारियों ने तिथि बढ़ाए जाने की मांग जीएसटी काउन्सिल से की है।