लखनऊ / आरक्षी भर्ती मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से दस दिन के भीतर मांगा जवाब

High court seeks reply from the state government within ten days in the recruitment recruitment case
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High court seeks reply from the state government within ten days in the recruitment recruitment case

  • अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग पर भेजने को अपने आदेशों के किया आधीन
  • राज्य सरकार से दस दिनों के भीतर मांगा हलफनामा

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 11:44 AM IST

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आरक्षी भर्ती 2013 के सम्बंध में अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग पर भेजे जाने को लेकर अपने अग्रिम आदेशों तक अपने अधीन कर लिया है। कोर्ट ने इस मामले में दस दिनों में राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा मांगा है व इसके अगले के तीन दिनों में याचियों को प्रत्युत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जस्टिस राजेश सिंह चैहान की बेंच ने रमेश सिंह व 59 अन्य की सेवा सम्बंधी याचिका पर पारित किया।

याचियों की ओर से कहा गया था कि वर्ष 2013 में नागरिक पुलिस, पीएसी व फायर सर्विस में आरक्षियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी भर्ती के सम्बंध में 3295 पदों के लिए 11 नवम्बर 2019 को चेयरमैन, यूपी पुलिस प्रमोशन एंड रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा एक मेमोरेंडम के साथ नई चयन सूची जारी की गई।

 याचियों ने उक्त मेमोरेंडम को चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने प्रथम वरीयता में नागरिक पुलिस को चुना था। लेकिन उनसे कम मार्क्स पाने वाले अभ्यर्थियों को नागरिक पुलिस के लिए चुन लिया गया। जबकि उन्हें पीएसी के लिए चुना गया है। याचियों की ओर से इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए, उक्त मेमोरेंडम को खारिज किये जाने की मांग की गई। कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के उपरांत उपरोक्त आदेश पारित किए।

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