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पुलिसवालों को देख डर गए दीये बेच रहे मासूम, बच्चों की आंख में आंसू देख दारोगा ने निकाला दिवाली को हैप्पी करने वाला IDEA

अमरोहा में पुलिसवालों की एक कोशिश से HAPPY हो गई इन मासूमों की दिवाली।

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 02:38 PM IST

अमरोहा, यूपी। दिवाली पर बाजार सजा था। आशू नाम का बच्चा अपने भाई के साथ फुटपाथ पर दीये बेचने के लिए बैठा था। इस दौरान पुलिस का एक दस्ता बाजार का मुआयना करने निकला। दस्ते में सैदनगली थाने के थानाध्यक्ष नीरज कुमार थे, जो दुकानदारों को दुकानें लाइन में लगाने का निर्देश दे रहे थे। उनकी नजर फुटपाथ पर मायूस बैठे दोनों मासूम बच्चों पर पड़ी। ये बच्चे जमीन पर बैठकर ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पुलिस को देखकर बच्चे डर गए और उनकी आंख में आंसू आ गए। उनको लगा शायद अब उन्हें हटा दिया जाएगा। बच्चों की मासूमियत देख थानाध्यक्ष नीरज कुमार उनके पास गए और बड़े ही प्यार से उनसे उनका नाम पूछा। पिता के बारे में पूछा। उन्होंने बताया- मेरा नाम आशू है। मेरे पिता नहीं हैं। मां मजदूरी करती है। इसलिए हम दीये बेच रहे हैं, ताकि हम भी दिवाली मना सकें। लेकिन मेरा सामान कोई नहीं खरीद रहा है।

बच्चों के बगल में खड़े होकर ग्राहकों को बुलाते रहे दारोगा जी

- बच्चों को अभी भी डर लग रहा था कि पुलिसवाले उसकी दुकान हटाने के लिए आए हैं। बच्चों ने कहा- अंकल जब हमारे दीये बिक जाएंगे तो हट जाएंगे। बहुत देर से बैठे हैं, मगर बिक नहीं रहे। हम गरीब हैं। दिवाली कैसे मनाएंगे? हमें मत हटाइए।

- नीरज कुमार ने बच्चों से कहा, दीये कितने के हैं, मुझे खरीदने हैं…। थानाध्यक्ष ने दीये खरीदे। इसके बाद पुलिस वाले भी दीए खरीदने लगे। इतना ही नहीं, फिर थानाअध्यक्ष बच्चों के बगल में खड़े होकर बाजार आने वाले लोगों से दीये खरीदने की अपील करने लगे। देखते ही देखते बच्चों के सारे दीए बिक गए। जैसे-जैसे दीये बिक रहे थे बच्चों के चेहरे पर प्रशन्नता देखते बन रही थी।

- जब सारा सामान बिक गया तो थानाअध्यक्ष और पुलिस वालों ने बच्चों को दिवाली के तोहफा में कुछ पैसे अलग से भी दिए। पुलिसवालों की एक छोटी सी कोशिश से बच्चों की दिवाली हैप्पी हो गई।

- मासूम बच्चों की पुलिसवालों द्वारा मदद करने की खबर वायरल होने के बाद मीडिया कर्मी बच्चों के घर पहुंचे। आशू ने सिर्फ इतना बता पाए कि हमारे दिए एस ओ अंकल ने खरीद लिए।

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