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धड़ से सिर अलग कर वीडियो बनाना चाहते थे आरोपी, वारदात से पहले दरगाह में पढ़ी थी नमाज

2 वर्ष पहले
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कमलेश तिवारी। -फाइल - Dainik Bhaskar
कमलेश तिवारी। -फाइल
  • पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी अशफाक व मोइनुद्दीन ने किए कई खुलासे
  • बरेली में आरोपियों की मदद करने वाला मौलाना गिरफ्तार

लखनऊ. हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के प्रमुख आरोपी अशफाक व मोइनुद्दीन को गुरुवार की शाम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार के आदेश दो दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। उससे पहले करीब छह घंटे चली पुलिस पूछताछ में हत्यारों ने अपने जुर्म पर बेबाकी से बयान दिया है। बताया कि, 18 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े दस बजे जब हत्या के लिए खुर्शेदबाग के लिए निकले तो रास्ते में दरगाह में नमाज पढ़ी थी।
 

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पता पूछते हुए कमलेश के दफ्तर पहुंचे और यहां महज डेढ़ मिनट के भीतर हत्याकांड को अंजाम दिया था। हत्यारे कमलेश का सिर धड़ से अलग करना चाहते थे, इसीलिए गला रेता था। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर दहशत फैलाना चाहते थे कि अब कोई विवादित टिप्पणी न करे। लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्हें भागना पड़ा। 
 

चाहते थे नाम सामने आए
हत्यारोपियों ने बताया कि, कमलेश के दफ्तर में उनका गार्ड सो रहा था। नीचे कोई नहीं था। कमलेश ने अपने कर्मचारी सौराष्ट्र को बता रखा था कि, कुछ मेहमान आने वाले हैं। इसलिए सौराष्ट्र ने उन्हें नहीं रोका। आरोपियों ने इस बात को नकारा है कि, वे पिस्टल व चाकू मिठाई के डिब्बे में लेकर आए थे। बताया कि, अशफाक के पास पिस्टल थी, जबकि दोनों चाकू पैंट में रख रखा था। आधा किलो वाले मिठाई के डिब्बे में सिर्फ रसीद थी। चाहते थे जांच में उनका नाम सामने आए। 
 

इसलिए हर जगह लगाई असली आईडी
अशफाक ने पूछताछ में बताया कि, वे सबको यह संदेश देना चाहते थे जो धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले बयान देगा, उसका यही अंजाम होगा। इसीलिए दोनों हर जगह असली आईडी लगा रहे थे और सबूत छोड़ते हुए जा रहे थे। लखनऊ में ही सरेंडर की योजना थी। लेकिन कमलेश पर हमला करते समय अशफाक ने जो गोली चलाई, वह मोइनुद्दीन के हाथ में लगी थी। वहीं, गला रेतने के समय भी मोइनुद्दीन का हाथ छिल गया था। मदद के लिए नागपुर के आसिम अली व सूरत के रशीद से बात की थी। रशीद ने दोनों को बरेली जाने के लिए कहा था। पुलिस ने बरेली में मदद करने वाले मौलाना कैफी अली भी गिरफ्तार कर लिया है। उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। 
  
 

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