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कानपुर व सुल्तानपुर में मिजिल्स के टीकाकरण से स्कूली बच्चों की बिगड़ी सेहत, परिजनों ने किया हंगामा

3 वर्ष पहले
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  • सुल्तानपुर के जवाहरलाल नेहरु स्मारक की आठ छात्राओं की टीकाकरण के बाद बिगड़ी सेहत
  • कानपुर के दो विद्यालयों में टीकाकरण में आई चूक सामने, परिजनों ने किया प्रदर्शन

कानपुर/सुल्तानपुर. खसरे से बचाव के लिए यूपी में नौ माह से 15 वर्ष आयु के बच्चों को मिजिल्स रूबेला टीकाकरण किया जा रहा है। लेकिन सुल्तानपुर व कानपुर में टीकाकरण के बाद कई बच्चों की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। लेकिन इससे अभिभावकों में टीकाकरण को लेकर डर का माहौल है। वहीं, विशेषज्ञों ने कहा कि, इसमें डरने की आवश्यकता नहीं है। बच्चे खाली पेट रहे होंगे, इसलिए चक्कर आना, घबराहट या उल्टी की शिकायत हुई है।

\"सुल्तानपुर

आठ छात्राओं की फूलने लगी सांस, लगा उल्टी होगी
सुल्तानपुर जिले में लंभुआ तहसील क्षेत्र में स्थित जवाहरलाल नेहरु स्मारक इंटर कॉलेज गरवां परिसर में गुरुवार को टीकाकरण का कार्यक्रम चल रहा था। विद्यालय की छात्राओं का एएनएम टीकाकरण कर रही थीं। यहां 120 छात्र-छात्राओं का टीकाकरण किया गया। लेकिन 8 छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। तत्काल सभी को लम्भुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। छात्राओं ने बताया कि, टीकाकरण के बाद उन्हें घबराहट होने लगी और चक्कर आने लगा। लग रहा था कि उल्टी हो जाएगी, सांस भी फूल रही थी। हालांकि अस्पताल में घंटे भर के इलाज के बाद छात्राओं को डिस्चार्ज कर दिया गया।

कानपुर; बच्चों के शरीर पर निकल आए लाल दाने

गुरुवार को कानपुर के यशोदा नगर के शारदा शिशु मंदिर सनातन धर्म और रघुनाथ प्रसाद इन्टर कालेज में कैंप लगाकर बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा था। लेकिन करीब 25 बच्चों की तबियत अचानक बिगड़ गई। बच्चों के चेहरे और शरीर पर लाल दाने निकल आए। घबराहट व चक्कर आने लगा। परिजनों को जैसे ही इसकी जानकारी हुई तो स्कूल परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। बच्चों को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया। 

 

यह बोले एक्सपर्ट, जानिए क्यों बिगड़ी तबियत

लंभुआ सीएची के चिकित्सा प्रभारी इंचार्ज डॉक्टर योगेंद्र यादव ने बताया कि बीमार बच्चों से जानकारी लेने पर पता चला कि, अधिकतर खाली पेट थे। कुछ बच्चों को बुखार था। इसलिए टीकाकरण के बाद एलर्जी हुई।ट्रीटमेंट के बाद एलर्जी तत्काल ठीक हो जाती है। इसमें चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती है।

 

हैलट अस्पताल में बाल रोग विभाग के एचओडी यशवंत राव ने बताया कि, रूबेला वैक्सीन रोग से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन इसकी खुराक देने से पहले यह जरुर जान लेना चाहिए कि, कहीं बच्चा बीमार तो नहीं है। खाली पेट होने पर भी टीकाकरण नहीं किया जाता है।