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संसद में बिल लाकर राम मंदिर निर्माण का विकल्प चुनने का समय नहीं, कोर्ट के फैसले का इंतजार: डिप्टी सीएम केशव मौर्य

मौर्य ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर समर्थन मिलना मुश्किल है

Danik Bhaskar | Aug 21, 2018, 11:48 AM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए बयान में सफाई देते हुए कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लोकसभा में हमारे पास बहुमत है, लेकिन हमारे पास बिल पास करने के लिए राज्यसभा में बहुमत नहीं है। यह विकल्प चुनने का समय नहीं है और हमारे पास नंबर नहीं है।


राज्यसभा में बहुमत होने पर बनेगा कानून : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उन्होंने कहा था लोगों को विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जल्द आ जाएगा। उन्होंने कहा कि या तो जल्द निर्णय आ जाएगा या फिर संवाद के माध्यम से इसका समाधान निकाला जाएगा। मौर्य ने कहा कि संसद में कानून पारित करने का तीसरा विकल्प भी खुला है। मौर्या ने कहा कि भाजपा के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है। इसलिए, राम मंदिर निर्माण के लिए कानून नहीं पारित किया जा सकता है। राज्यसभा में राम मंदिर निर्माण संबंधी कानून पास कराने में मुश्किल आएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब दोनों सदनों में भाजपा के पास पर्याप्त संख्याबल होगा तो केंद्र सरकार इस संबंध में कानून ला सकती है।

राम मंदिर पर समर्थन मिलना मुश्किल: दरअसल, केशव मौर्य से सवाल पूछा गया कि सरकार ने एससी, एसटी एक्ट और ओबीसी कमीशन के विधेयक को राज्यसभा से पारित करा लिया तो राम मंदिर क्यों नहीं? इस पर मौर्या ने कहा कि सभी को पता है दोनों में अंतर है। इन विधेयकों पर दूसरे दलों का समर्थन मिल गया, लेकिन राम मंदिर पर दूसरे दलों का समर्थन मिलना काफी मुश्किल है। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही राम मंदिर मसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की बात कही थी।