उप्र / एक सीट पर दो पार्टियों से टिकट मिलने पर चर्चा में तनुश्री, हत्या के मामले में पिता जेल में

Dainik Bhaskar

Mar 29, 2019, 01:57 PM IST



तनुश्री त्रिपाठी। तनुश्री त्रिपाठी।
बहन अलंकृता के साथ तनुश्री त्रिपाठी। बहन अलंकृता के साथ तनुश्री त्रिपाठी।
तनुश्री त्रिपाठी। तनुश्री त्रिपाठी।
भाई अमनमणि व बहन अलंकृता के साथ तनुश्री (बीच में)। भाई अमनमणि व बहन अलंकृता के साथ तनुश्री (बीच में)।
सुप्रिया श्रीनेत। सुप्रिया श्रीनेत।
बहन और भाई अमनमणि के साथ तनुश्री (बीच में)। बहन और भाई अमनमणि के साथ तनुश्री (बीच में)।
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तनुश्री त्रिपाठी।तनुश्री त्रिपाठी।
बहन अलंकृता के साथ तनुश्री त्रिपाठी।बहन अलंकृता के साथ तनुश्री त्रिपाठी।
तनुश्री त्रिपाठी।तनुश्री त्रिपाठी।
भाई अमनमणि व बहन अलंकृता के साथ तनुश्री (बीच में)।भाई अमनमणि व बहन अलंकृता के साथ तनुश्री (बीच में)।
सुप्रिया श्रीनेत।सुप्रिया श्रीनेत।
बहन और भाई अमनमणि के साथ तनुश्री (बीच में)।बहन और भाई अमनमणि के साथ तनुश्री (बीच में)।

  • तनुश्री को पहले शिवपाल की पार्टी ने टिकट दिया, गुरुवार को फिर कांग्रेस ने उसी सीट से उतारा
  • शुक्रवार को कांग्रेस ने तनुश्री का टिकट काटकर टीवी एंकर सुप्रिया श्रीनेत को दिया
  • तनुश्री ने लंदन से पढ़ाई की, विधायक भाई पर भी पत्नी की हत्या का आरोप

लखनऊ. जेल में बंद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री का महाराजगंज सीट से पहले शिवपाल की पार्टी  प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने टिकट दिया। इसके बाद गुरुवार को कांग्रेस की लिस्ट में भी उनका नाम था। एक ही सीट पर दो पार्टियों से टिकट मिलने पर तनुश्री रातों-रात चर्चा में आ गईं। हालांकि, 12 घंटे बाद शुक्रवार को कांग्रेस ने तनुश्री का टिकट काट दिया। कांग्रेस ने अब टीवी एंकर और पूर्व सांसद हर्षवर्धन की बेटी सुप्रिया श्रीनेत को यहां से उम्मीदवार घोषित किया है।

 

तनुश्री के पिता अमरमणि कवियत्री मधुमिता की हत्या के जुर्म में सजा काट रहे हैं। वहीं, भाई अमनमणि त्रिपाठी पर भी पत्नी सारा सिंह की हत्या का आरोप है। वह जेल भी जा चुका है। 2017 में विधानसभा चुनाव में अमनमणि जेल में था। उसने नौतनवा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुना गया था।

 

लंदन से पढ़ीं तनुश्री, 20 अप्रैल को शादी
तनुश्री का जन्म 11 जनवरी 1990 को गोरखपुर में हुआ था। नैनीताल के सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद लंदन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर्स किया। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स किया। राजनीति का ककहरा तनुश्री ने अपने पिता से सीखा है। अब भाई अमनमणि के साथ पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। 

 

घर की परिस्थितियां देख छोड़ी थी नौकरी
तनुश्री ने मास्टर्स करने के बाद यूके की कंपनी 'के इंटरनेशनल' में नौकरी कर रही थीं। लेकिन, 2014 में घर की परिस्थितियां देखकर नौकरी छोड़कर वापस आ गईं। अपनी छोटी बहन अलंकृता के साथ मिलकर भाई के लिए चुनाव प्रचार किया। उस वक्त पिता, मां और भाई तीनों जेल में थे। 

 

तनुश्री ने पहले कहा था- मैंने टिकट नहीं मांगा
शिवपाल की पार्टी से टिकट मिलने के बाद तनुश्री ने मीडिया से कहा था- मैंने महाराजगंज सीट नहीं चुनी, इस सीट ने मुझे चुना है। जो भी हुआ अचानक हुआ। मैंने कभी टिकट नहीं मांगा, लेकिन टिकट मिला है तो मैं इसका स्वागत करती हूं और पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगी।

 

पूर्व सांसद की बेटी हैं सुप्रिया 

सुप्रिया, पूर्व सांसद हर्षवर्द्धन की बेटी हैं। वह पेश से पत्रकार हैं। महाराजगंज से उनका पुराना रिश्ता है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। सुप्रिया के पिता0हर्षवर्धन 1985 में पहली बार जनता पार्टी से जिले के फरेंदा विधानसभा सीट विधायक चुने गए थे। 2004 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव हार गए। लेकिन, 2009 में इसी पार्टी से भारी बहुमत से जीतने में सफल रहे। 2016 में उनकी बीमारी की वजह से मौत हो गई।

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