उप्र /नेताओं के छलावे से परेशान ग्रामीणों ने कई जिलों में मतदान का बहिष्कार किया; अफसर मनाने में जुटे

Dainik Bhaskar

Apr 29, 2019, 06:23 PM IST


lok sabha elections 2019 boycott by locals on leaders fake commitments in uttar pradesh
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lok sabha elections 2019 boycott by locals on leaders fake commitments in uttar pradesh

  • उत्तरप्रदेश में चौथे चरण में 13 सीटों पर मतदान 
  • शाहजहांपुर, उन्नाव, ललितपुर, महोबा, कानपुर लोकसभा क्षेत्र के कई गांवों में मतदान बहिष्कार

लखनऊ. लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में उत्तरप्रदेश में कई जिलाें में मतदान बहिष्कार की खबरें आ रही हैं। यहां अफसर लोगों को मनाने में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास नहीं तो वोट नहीं। प्रदेश के शाहजहांपुर, उन्नाव, ललितपुर, महोबा, जालौन लोकसभा क्षेत्र के कई बूथों पर अभी तक एक भी वोट नहीं पड़ा है। कहीं पक्की सड़क का मुद्दा है तो कहीं पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग पर ग्रामीण अड़े हुए हैं। उत्तरप्रदेश की 13 सीट शाहजहांपुर, खीरी, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, जालौन, झांसी और हमीरपुर में मतदान है। इस चरण में कुल 152 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

  • महोबा के पांच गांवों चुनाव बहिष्कार

    महोबा के पांच गांवों चुनाव बहिष्कार

    महोबा. जिले में कई स्थानों पर विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का निर्णय लेकर प्रशासन की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सदर तहसील के दिसरापुर में बिजली और सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की है। कुलपहाड़ तहसील के खेरारी गांव में पानी की समस्या को लेकर सभी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। प्रशासनिक आलाधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को मतदान किए जाने को मानने की कोशिश की जा रही है। ग्राम दिसरापुर और खेरारी में ग्रामीण खासा नाराज हैं। दिसरापुर में आज तक मुख्य सड़क का निर्माण ही नहीं हुआ और न ही इस गांव में बिजली की सही व्यवस्था है। वहीं, खेरारी में पेयजल समस्या के कारण ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार किया है। एसडीएम राजेश का कहना है कि ग्रामीणों को समझाया जा रहा है।

  • शाहजहापुर: कच्ची सड़क की वजह से गांव में नहीं आती एंबुलेंस

    शाहजहापुर: कच्ची सड़क की वजह से गांव में नहीं आती एंबुलेंस

    शाहजहांपुर. थाना जलालाबाद के ग्राम थाथर मई ग्राम संगहा और ग्राम चित्रउ की आबादी करीब 10 हजार है। इस गांव में करीब साल से एक भी पक्की सड़क नहीं बनी है। गांव के पास से ही राम गंगा नदी बहती है। कच्चा रास्ता होने के कारण एंबुलेंस भी गांव में नहीं जाती है। ऐसे में तीनों गांव के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। तीनों गांव में बने बूथ पर एक भी वोट नहीं डाला गया। ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह नेताओं और अधिकारियों से पिछले लंबे समय से पक्की सड़क और पुल की मांग कर रहे थे। अब हमने ठान लिया है कि गांव में जब तक पक्की सड़क और पुल नहीं बन जाता तब तक वे चुनाव का बहिष्कार करते रहेंगे। उनका कहना है कि कच्चा रास्ता होने के कारण गांव मे एंबुलेंस नहीं आ पाती है। जिससे इलाज के अभाव में बीमार लोगों की मौत हो जाती है।

  • उन्नाव: गांव की सड़क में सिर्फ गड्ढे, नहीं करेंगे वोट

    उन्नाव: गांव की सड़क में सिर्फ गड्ढे, नहीं करेंगे वोट

    उन्नाव. बिछिया विकास खंड की ग्राम पंचायत तारगांव के मजरे पकरा पोलिंग बूथ पर सन्नाटा पसरा हुआ है। नाराज ग्रामीणों ने विकास कार्य न होने से दुखी होकर वोटिंग का बहिष्कार का ऐलान कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की सड़कों में गड्ढे हैं। चुनाव से पहले उनके गांव में कोई नहीं पहुंचता। उन्होंने विकास कार्य कराने के लिए जनप्रतिनिधि और अफसरों से मांग की, लेकिन उनके गांव की तस्वीर नहीं बदल पाई। अब उन्होंने ठान ली है कि वह इस बार मतदान नहीं करेंगे।

  • ललितपुर: पांच गांवों में पानी की समस्या को लेकर बहिष्कार

    ललितपुर: पांच गांवों में पानी की समस्या को लेकर बहिष्कार

    ललितपुर. झांसी-ललितपुर निर्वाचन क्षेत्र के पांच गांव के वोटरों ने वोटिंग का बहिष्कार किया है। पानी की किल्लत झेल रहे इन गांव के लोगों ने साफ कह दिया है कि वोट तभी मिलेगा जब पानी मिल जाएगा। लोगों की शिकायत है कि प्रशासन इस इलाके में पानी की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। यहां पानी के तमाम स्रोतों और इलाके के बांधों का सही से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, जिससे पांच गांवों को साल दर साल भीषण पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है। कई परिवारों का यहां से आसपास के शहरों में पलायन भी हो चुका है। महेंद्र सिंह का कहना है कि झांसी-ललितपुर निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत ललाउन, गुलेंदा, चकरा, कासा और राजपुर गांव के वोटरों ने वोटिंग का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इन पांच गांवों में करीब 5 हजार वोटर हैं। अक्सर इन गांववालों को हैंडपंपों से एक बाल्टी पानी भरने के लिए रातभर जागना पड़ता है। 

  • कानपुर: ग्रामीणों ने मतदान का किया बहिष्कार, बूथ पर पसरा सन्नाटा

    कानपुर: ग्रामीणों ने मतदान का किया बहिष्कार, बूथ पर पसरा सन्नाटा

    कानपुर. घाटमपुर क्षेत्र स्थित गौरी नवल गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। गौरी नवल गांव की आबादी लगभग 700 है। गांव में वोटरों की संख्या लगभग 450 है। आरोप है कि ग्राम प्रधान गुडिया देवी के पति ब्रम्हादीन शौचालय के लिए पैसे की डिमांड करता है। जब शिकायत अधिकारियों की जाती है तो वो भी प्रधान का सपोर्ट करते हैं। ग्रामीण बलवंत ने बताया कि पूरे गांव का किसान निधि का पैसा खातों में नहीं आया है। जबकि सभी ने पूरे कागजात कई माह पहले ही जमा कर दिए थे। वहीं, आसपास के जितने भी गांव हैं वहां पर सभी के खातों में पैसा आ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव विकास के लिए तरस रहा है। सड़क, बिजली, पानी की समस्या बनी हुई है। ग्राम प्रधान से लेकर जन प्रतिनिधि ध्यान नहीं देते हैं।

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