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गन्ना किसानों पर भड़कीं मेनका गांधी, वायरल हुआ केंद्रीय मंत्री का वीडियो

उन्होंने किसानों को गन्ने की खेती न करने की सलाह देते हुए कहा कि देश को चीनी की जरूरत नहीं है।

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 02:07 PM IST

पीलीभीत. मंगलवार को जिले की सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का अलग रूप देखने को मिला। उनसे मिलने आए गन्ना किसानों ने जब अपनी समस्याएं सामने रखीं तो वो भड़क गईं। उन्होंने किसानों को गन्ने की खेती न करने की सलाह देते हुए कहा कि देश को चीनी की जरूरत नहीं है।

वायरल वीडियो में मेनका गांधी ने कहा, "तुम लोग हर बार क्यों आकर मेरी जान खाते हो। ना देश को चीनी की जरूरत है और ना गन्ने की कीमत बढ़ने वाली है। हजार बार मैं कह चुकी हूं कि गन्ना मत लगाओ।"

ट्विटर पर दिखा गुस्सा

हमेशा जानवरों के हक में बोलने वाली मेनका गांधी की गन्ना किसानों से बेरुखी पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर कमेंटबाजी की।

अर्जुन नाम के यूजर ने लिखा, "सच बात ये है मैडम जी देहरादून से चुनाव लड़ेंगी इस बार। अब उन्हें पीलीभीत की जनता के लिऐ करना ही नहीं है। कुछ और वैसे भी हर बार जीतने के बाद दिल्ली रुकती है। चुनाव के वक्त ही चेहरा दिखता है।"

अर्जुन की ट्वीट का समर्थन करते हुए सुधांकर नाम के यूजर ने लिखा, "सही कहा आपने। मैंने इतने दिनों में शहर पीलीभीत में मेनका गांधी जी को तब ही देखा है चुनावों की तैयारी होती है। उसके बाद मेनका जी और वरुण दोनों में से कोई भी झांकने नहीं आता। सारे दावे सिर्फ चुनाव के समय ही होते हैं। उसके बाद कोई राजनेता नहीं दिखता।"

मनीष तिवारी नाम के यूजर ने लिखा, "अहंकार है एक शीशा की तरह है भ्राता, चमकता है जब तक पूरा है, जिस दिन टूटा जाएगा, प्रतिवेग से, मिट्टी में मिलेगा और कष्ट देगा।"

विवेक कुमार राय नाम के यूजर ने लिखा, "मैडम जी इसी किसान के दम पे आज सत्ता में हो ।इस तरह से किसान का अपमान करके क्या साबित करना चाहती है ।मैडम इसी घमंड ने आपके जेठानी को ले डूबा 2014 में।"

कुछ लोगों ने किया समर्थन भी

- मेनका गांधी के बयान के समर्थन में भी कुछ यूजर्स ने ट्वीट किया।
- विद्यासागर पॉल नाम के यूजर ने लिखा, "बिल्कुल सही कह रही हैं। चौधरी चरण सिंह भी गन्ने की जरूरत से ज्यादा खेती के खिलाफ थे। गन्ने की फसल में ज्यादा पानी लगता है और मिट्टी खराब होती है। बैलेंस बहुत जरूरी है।"
- मूलचंद नाम के यूजर ने लिखा, "लोग मुद्दे से भटक रहे हैं। गन्ने के दाम जरूरत से ज्यादा प्रॉडक्शन की वजह से गिरे हैं। इसके लिए एक नेशनल पॉलिसी बनाई जाना चाहिए कि किस फसल को कितना उगाया जाएगा। मार्केट की डिमांड के अनुरूप किसान फसल पैदा करेंगे तो फायदा जरूर होगा। मेनका जी ने सही बात कही। बस उनका बोलने का तरीका गलत था।"

Maneka gandhi in constituency pilibhit meets villagers
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Maneka gandhi in constituency pilibhit meets villagers
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