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उप्र के मदरसों में ड्रेस कोड का प्रस्ताव नहीं: सीनियर मंत्री ने जूनियर के लिए कहा- बोलने से पहले पूछना था

राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने कहा था कि मदरसों में बच्चे कुर्ता-पायजामा पहन कर आते हैं जो धर्म विशेष की पहचान है।

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 06:28 PM IST

- मोहसिन रजा ने मंगलवार को कहा था कि राज्य सरकार मदरसों में ड्रेस कोड लाने पर विचार कर रही है

- लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बुधवार को कहा फिलहाल सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है

लखनऊ. मदरसों में नए ड्रेस कोड को लेकर योगी सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के दोनों मंत्री आमने-सामने आ गए हैं। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बुधवार को राज्य मंत्री मोहसिन रजा के नए ड्रेस कोड पर विचार करने वाले बयान को निजी राय बताया। उन्होंने कहा, "मोहसिन को कोई भी बात कहने से पहले से मुझसे पूछ लेना चाहिए था।" इससे पहले मोहसिन रजा ने मंगलवार को कहा था कि राज्य सरकार मदरसों में ड्रेस कोड लाने पर विचार कर रही है।

चौधरी ने कहा, "किसी के खाने पर और कपड़े पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होती। ड्रेस कोड अगर मदरसे लागू करें तो यह उनकी इच्छा है। फिलहाल सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।''

कुर्ता-पायजामा एक धर्म विशेष की पहचान-रजा

मोहसिन रजा ने मंगलवार को कहा था, "मदरसों में आमतौर पर बच्चे कुर्ता-पायजामा पहन कर आते हैं। इससे उनकी पहचान एक धर्म विशेष से होती है। उनमें हीन भावना आती है। इसे खत्म करना जरूरी है। सरकार चाहती है कि मदरसे के बच्चे भी मुख्यधारा से जुड़ें। वे सामान्य स्कूली बच्चों की तरह दिखें। इसलिए मदरसों में शर्ट-पैंट पहनने या नए ड्रेस कोड को लेकर विचार किया जा रहा है। जल्द इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।"