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पीएमओ ऑफिस ने यूपी डीजीपी को 10 जिलों में फर्जी वीज़ा एजेंट के सक्रिय रहने की दी जानकारी, लखनऊ पुलिस ने पकड़े दो कबूतरबाज

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 11:25 PM IST

एसएसपी ने बताया कि,विदेश मंत्रालय से डीजीपी को भेजे गए शिकायत में यूपी के दस जिलों में फर्जी एजेंट की शिकायत मिली थी।

पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं।

लखनऊ. फर्जी वीजा के जरिए लोगों को विदेश भेजने वाले जालसाज का लखनऊ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पीएमओ के हस्ताक्षेप के बाद विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जाली दस्तावेज तैयार करने वाले दो फर्जी एजेंटों को अरेस्ट करने में सफलता पाई है। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि, पकड़े गए आरोपितों ने आजमगढ़ के पांच लोगों को मलेशिया भेजा था। वहां पीडि़तों के पास वैध वीजा नहीं होने के कारण उन्हें में बंधक बना लिया गया था।


यूपी के 10 जिलों की मिली थी फर्जी एजेंट की शिकायत
एसएसपी ने बताया कि,विदेश मंत्रालय से डीजीपी को भेजे गए शिकायत में यूपी के दस जिलों में फर्जी एजेंट की शिकायत मिली थी। इस सूचना के बाद सीओ गोमती नगर के नेतृत्व में दो टीम लगाई थी।
-सीओ गोमतीनगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं। -आरोपितों ने 15 मार्च को आजमगढ़ निवासी ओमप्रकाश यादव, अमरजीत यादव, अजय यादव, योगेंद्र यादव और देवेंद्र कुमार को नौकरी दिलाने के नाम पर मलेशिया भेजा था।
-मलेशिया पहुंचते ही डब्ल्यूआरपी कंपनी ने पांचों लोगों के पास वैध वीजा नहीं होने पर उनके पासपोर्ट छीनकर रख लिए और बंधक बना लिया था। पीडि़तों को मलेशिया में भूखे प्यासे रखकर उनसे काम कराया जा रहा था।


विदेश मंत्रालय ने लिखा था पत्र
-मलेशिया में पांच भारतीयों के फंसे होने की सूचना मिलने पर विदेश मंत्रालय ने पत्र लिखा था। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप के बाद फंसे लोगों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
-पड़ताल में पता चला कि एजेंटों ने 5 लाख 70 हजार रुपये लेकर पीडि़तों को मलेशिया भेजा था। परिवारीजनों ने जब फंसे हुए लोगों से संपर्क साधा तो उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई और उन्होंने जिलाधिकारी आजमगढ़ से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी।


परिवारीजनों ने दिया एजेंटों का ब्यौरा
पीडि़त परिवारीजनों ने प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, भारतीय दूतावास एवं मुख्यमंत्री को भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया था।
-साथ ही उन्होंने एजेंट जावेद अहमद एवं उसके भाई फिरोज अहमद तथा इरफान के बारे में सूचना उपलब्ध कराई थी।
-पीडि़त परिवारीजनों ने इंदिरा डैम रोड निकट, लौलाई चिनहट स्थित आरोपितों के ऑफिस न्यू गल्फ टूर एवं ट्रेवेल्स का पता बताया।
-एसएसपी के मुताबिक डीजीपी ने इस बाबत पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। पड़ताल के दौरान पुलिस ने दो आरोपितों को दबोच लिया, जबकि एक अभी फरार है।


पुलिस ने दर्ज कराई एफआइआर
-इंस्पेक्टर चिनहट राजकुमार सिंह के मुताबिक इस प्रकरण में पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है।
-आरोपितों के पास से 26 पासपोर्ट, 11 बैंकों के पासबुक, 39 मेडिकल प्रपत्र, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और वीजा तथा पासपोर्ट के कागजात समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
-सीओ का कहना है कि सभी पीडि़त सकुशल भारत वापस आ गए हैं। पूछताछ में पीडि़तों ने बताया कि पासपोर्ट वापस मांगने पर डब्लूआरपी कंपनी के लोग रुपये की भी मांग करते थे।

पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं।
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पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं।पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं।
पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं।पकड़े गए लोगों में मूलरूप से ग्राम पुरसिया, थाना वाल्टरगंज, जिला बस्ती निवासी जावेद अहमद एवं उसका दोस्त इरफान शामिल हैं।
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