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लखनऊ के 1090 चौराहे पर हुए मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा, वीरता पुरस्कार से सम्मानित दिव्यांग पर हत्या का आरोप

2016 में एक नर्स को नदी में डूबने से बचाने के लिए कलाम को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 01:30 PM IST

लखनऊ. राजधानी के 1090 चौराहे पर हुई मासूम की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया, दिव्यांग कलाम ने मासूम की गला दबाकर हत्या की थी। 2016 में एक नर्स को गोमती में डूबने से बचाने के लिए कलाम को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

- पुलिस की पूछताछ में कलाम ने बताया है कि वह सोमवार की रात फाउंटेन में सो रहा था। इसी बीच मासूम वहां पहुंच गया। कलाम ने उसे वहां से दूर जाने के लिए कहा, जिसपर उसने गाली दे दी। गुस्से में कलाम ने मासूम के गले में लपेटे हुए टीशर्ट से उसका गला दबा दिया। इससे मासूम बेहोश हो गया। इसके बाद कलाम डरकर वहां से भाग निकला था।
- पुलिस का दावा है कि 1090 पर मासूम की हत्या के आरोप में पकड़ गया कलाम ट्राई साइकिल से चलता था। अगले दिन मंगलवार को उसे जानकारी हुई कि मासूम की मौत हो गई है, जिससे वह डर गया और फरार हो गया। एसएसपी का कहना है कि विवेचना के दौरान, मासूम के घरवालों ने 1090 चौराहे पर खेलने वाले बच्चों, दुकानदारों और अन्य लोगों से पूछताछ की गई थी। इसपर लोगों ने बताया कि कलाम नाम का दिव्यांग मासूम और उसके दोस्तों को चौराहे पर आने और गुब्बारे बेचने से मना करता था। घरवालों ने बताया कि आरोपित ने उनसे मारपीट भी की थी।


छेड़छाड़ का भी आरोप: पुलिस के मुताबिक मृतक के परिवारीजन ने कलाम पर उसकी बहन से छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया है। आरोपित ने मासूम को चौराहे पर नहीं आने के लिए बोला था और जान से मारने की धमकी दी थी। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के मुताबिक पीड़ित परिवार ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है। इसमें उन्होंने कलाम पर हत्या का आरोप लगाया था। परिवारवालों ने कहा, आरोपी ने दो दिन पहले गुब्बारे बेचने की बात को लेकर मासूम की पिटाई की थी। पीड़ित परिवार ने विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक से गुरुवार रात मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत कर परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा दिलाने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलवाने की बात कही थी।