उप्र / प्रियंका के दौरे का आखिरी दिन; पीएम के संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से होगी मुलाकात



प्रियंका ने लखनऊ में रोड शो किया था। प्रियंका ने लखनऊ में रोड शो किया था।
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प्रियंका ने लखनऊ में रोड शो किया था।प्रियंका ने लखनऊ में रोड शो किया था।

  • महासचिव बनाए जाने के बाद पहली बार यूपी दौरे पर हैं प्रियंका गांधी वाड्रा
  • कांग्रेस ने प्रियंका को यूपी की 41 सीटों की जिम्मेदारी दी, कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रही हैं

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 09:22 AM IST

लखनऊ. कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के यूपी दौरे का आज चौथा दिन है। प्रियंका अपने हिस्से की 41 लोकसभा सीटों के कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठक कर कांग्रेस की जमीनी स्थिति टटोल रही हैं। दो दिनों में प्रियंका अब तक 30 लोकसभा सीटों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चुकी हैं। गुरुवार को 11 लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात होगी। इसमें पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है। 

 

आज इन सीटों के कार्यकर्ताओं से होगी मुलाकात
14 फरवरी को प्रियंका घोसी, सलेमपुर, बलिया, जौनपुर, मछलीशहर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर व राबर्ट्सगंज के बूथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। शाम साढ़े पांच से साढ़े छह के बीच नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ने का कार्यक्रम है।


पेंशन मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों से मुलाकात
प्रियंका ने बुधवार को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रियंका ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली का आश्वासन दिया। उन्होंने इस मुद्दे को अगले लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणापत्र में शामिल करने का भी भरोसा दिया। 

 

यूपी में कांग्रेस का पहला गठबंधन 
दो दिनों तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमीनी टोह लेने के बाद बुधवार शाम प्रियंका और ज्योतिरादित्य सिंधिया मीडिया के सामने आए। कांग्रेस ने राज्य में महान दल के साथ गठबंधन की घोषणा की है। इस दौरान प्रियंका ने कहा, 'राहुल जी ने हमें बड़ा लक्ष्य दिया है। हम जी जान से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।' 

 

बसपा में थे केशव देव मौर्य
महान दल के केशव देव मौर्य पहले बसपा में थे। उन्होंने सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों में यादवों के बाद सबसे बड़ी आबादी कुशवाहा, निषाद, नाई, राजभर समाज की है, लेकिन क्या अखिलेश या मायावती बताएंगी कि इन जातियों को कितना फीसदी आरक्षण दिया गया? इन लोगों ने कभी भी हिस्सेदारी की बात नहीं की। इन लोगों को पिछड़ों और दलितों के आरक्षण के नाम पर सत्ता मिली, लेकिन उस समय इनको याद नहीं आया कि पिछड़ी जाति में दूसरी जाति के लोग भी हैं। 

 

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