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बाराबंकी: सहारा इंडिया के एजेंट ने की आत्महत्या, सुब्रत राय समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

आरोप- पॉलिसी मैच्योर हो जाने के बाद भी कंपनी निवेशकों को पैसा नहीं लौटा रही थी

Danik Bhaskar

Jul 29, 2018, 02:43 PM IST

बाराबंकी. पॉलिसी मैच्योर होने के बाद भी कंपनी से निवेशकों को पैसा नहीं मिल पाने से परेशान होकर सहारा इंडिया के एक एजेंट ने आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम संदीय मोर्य है। पुलिस को मृतक के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने निवेशकों और कंपनी के अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने डायरेक्टर सुब्रत रॉय समेत दस लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

निवेशक करते थे मारपीट: पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक संदीप रामनगर थाना क्षेत्र में रहता था। वह सहारा का एजेंट था। बीती 26 जुलाई को उसने घर पर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद शनिवार को मृतक की मां कृष्णावती मौर्या ने रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में सहारा इंडिया के डायरेक्टर सुब्रत रॉय, ओपी श्रीवास्तव, अभिजीत सरकार, एरिया मैनेजर प्रदीप श्रीवास्तव, ब्रांच मैनेजर रामगोपाल निगम, रीजनल मैनेजर रामनरेश कौशल समेत एजेंट को परेशान करने वाले कई निवेशकों के नाम भी शामिल हैं। मृतक की मां ने पुलिस को बताया कि सहारा में निवेश करने वाले लोग अपने पैसों के लिए उनके बेटे से मारपीट करते थे। उसने अधिकारियों से कई बार मिलकर सभी का पैसा देने की गुजारिश भी की, लेकिन उनका वैसा वापस नहीं हुआ। इन्हीं सब बातों से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली।

क्या लिखा है सुसाइड नोट में: मौत को फंदा गले में डालने से पहले संदीप मौर्य ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमे उन्होंने लिखा है कि "मैं सहारा इंडिया के निवेशकों से बहुत परेशान था। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सहारा इंडिया से निवेशकों का भुगतान नहीं हो रहा था और जमाकर्ता मुझे बहुत परेशान करते थे। मेरे घर वालों को परेशान न किया जाए। ब्रांच मैनेजर रामगोपाल निगम, रीजनल मैनेजर रामनरेश कौशल भुगतान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे थे। निवेशक जाबिर अली, नसीम, राकेश ऐसे 30 से 40 लोग मुझे बहुत परेशान करते थे। इसलिए मुझे ऐसा कदम उठाना पड़ा है"।

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