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एशियाड में गोल्ड जीतने वाले सौरभ कभी गांव के मेले में गुब्बारों पर निशाना लगाते थे, कोच की गन से 8 घंटे करते थे प्रैक्टिस

सौरभ ने 10 मीटर एयर राइफल पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है

Danik Bhaskar | Aug 21, 2018, 04:19 PM IST
एशियाड में गोल्ड जीतने वाले सौरभ सबसे युवा शूटर हैं। एशियाड में गोल्ड जीतने वाले सौरभ सबसे युवा शूटर हैं।

मेरठ. जिले के कलीना गांव में रहने वाले 16 साल के निशानेबाज सौरभ चौधरी ने मंगलवार को एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। एशियाड में गोल्ड जीतने वाले सौरभ सबसे युवा शूटर हैं। सौरभ बागपत जिले के बरनावा के स्कूल से कक्षा 10 की पढ़ाई कर रहे हैं। सौरभ के बड़े भाई नितिन ने बताया कि सौरभ को बचपन से ही निशाने लगाने का शौक था। वह गांव और आसपास लगने वाले मेलों में जाकर गुब्बारों पर निशाना लगाता था और वहां से इनाम जीतकर लाता था। 2015 में 13 साल की उम्र में उसने पहली बार शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की।

साधारण किसान परिवार से है सौरभ: सौरभ के पिता जगमोहन सिंह साधारण किसान है। जबकि माता ब्रजेश देवी गृहिणी है। सौरभ के परिवार में कोई भी शूटिंग का खिलाड़ी नहीं है। भाई नितिन के मुताबिक गांव के कुछ लड़के शूटिंग की प्रैक्टिस के ​लिए जाते थे, उन्हें देखकर सौरभ ने भी उनके साथ शूटिंग की प्रैक्टिस करने का निर्णय लिया। इसके बाद उसने 2015 में बड़ौत के पास बिनौली में वीरशाहमल राइफल क्लब में प्रैक्टिस शुरू की। वो रोज करीब 7 से आठ घंटे प्रैक्टिस करते थे।

बेहद शांत स्वभाव है सौरभ का: सौरभ के कोच अमित के मुताबिक सौरभ के इस प्रदर्शन की उन्हें पूरी उम्मीद थी। बताया कि सौरभ शांत स्वभाव का है जो शूटिंग के लिए सबसे जरूरी होता है। यदि वह विफल भी होता था तो अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं देता था, वह अपने गेम में लगातार सुधार करने पर जोर देता था। उसकी इसी लगन को देखकर सभी को उम्मीद थी कि वह गोल्ड जरूर लेकर आएगा। उसने ऐसे खिलाड़ी को हराया है जो ओलंपिक खेल चुका है।

कोच की गन से की प्रैक्टिस: सौरभ के परिजनों का कहना है शुरू में सौरभ ने अपने कोच की गन से ही प्रैक्टिस की। जब सभी को लगा कि उसकी गेम में रूचि बढ़ रही है और जरूर कामयाब होगा तब उसे पहली बार जो गन दिलायी गई वह 1 लाख 75 हजार रुपए की थी। सौरभ ने स्टेट और नेशनल लेबल की कई प्रतियोगिताओं में अपने कोच की गन से प्रैक्टिस करने के बाद ही जीती। सौरभ के गोल्ड जीतने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 50 लाख रुपए का पुरस्कार व राजपत्रित नौकरी देने का भी ऐलान किया है।

सौरभ बागपत जिले के बरनावा के स्कूल से कक्षा 10 की पढ़ाई कर रहे हैं। सौरभ बागपत जिले के बरनावा के स्कूल से कक्षा 10 की पढ़ाई कर रहे हैं।
2015 में 13 साल की उम्र में उसने पहली बार शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की। 2015 में 13 साल की उम्र में उसने पहली बार शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की।