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लखनऊ: सरकार के खिलाफ महिला शिक्षामित्रों ने मुंडन करवाकर किया विरोध, 70 दिनों से कर रहीं प्रदर्शन

शिक्षामित्र नई ट्रांसफर नीति का भी विरोध कर रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jul 25, 2018, 04:33 PM IST

लखनऊ. शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ ईको गार्डन पार्क में प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने बुधवार को मुंडन करवाकर विरोध किया। मुंडन कराने वालों में महिला शिक्षामित्र भी शामिल रहीं। सरकार ने 25 जुलाई, 2017 में समायोजन रद्द कर दिया था।

-शिक्षामित्रों की नेता मंजू लता का कहना है कि हम बीते 70 दिनों से इको गार्डन पार्क में धरना दे रहे हैं। बार-बार अधिकारी आते हैं और आश्वासन देते हैं लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम योगी अपने वादे भूल गए हैं और आज तक हमसें मुलाकात नहीं की। इसी कारण से हम महिलाओं ने मुंडन करवाया है यह नारी के सम्मान के खिलाफ़ हो रहा है कि सुहागिन नारियों ने मुंडन करवाएं।

- उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 708 शिक्षा मित्रों की मौत हो चुकी हैं। हम अपने अधिकारों को मांग रहे हैं लेकिन यह सरकार हमें हमारे अधिकार नहीं दे रही। हाईकोर्ट के आदेश को भी सरकार नहीं मानने को तैयार। हम अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहेंगे। सरकार अगर अब नहीं मानती तो हम अगला कदम क्या होगा इस बारे में सरकार सोच भी नहीं सकती है।

क्या हैं मांगें: प्रदेश में 1 लाख 70 हजार शिक्षामित्र हैं। सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी (38,800 मानदेय पर) जो पहली पॉलिसी थी उसके अनुसार हो। मृतक साथी के परिवार को मुआवजा के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले। टीईटी में पास शिक्षा मित्रों को दूसरी लिखित परीक्षा कराए बिना उनका भी सहायक अध्यापक का दर्जा देते हुए समायोजन किया जाए।

क्या था कोर्ट का फैसला: 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाए गए 1.70 लाख शिक्षामित्रों के समायोजन को असंवैधानिक करार दिया था। समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों को प्रतिमाह मिल रही 38,000 रुपए की सैलरी घटकर 3500 रुपए प्रतिमाह हो गई। जिसे सरकार ने बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया था।