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उप्र / माया-अखिलेश की 30 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेस; 30 बार लिया भाजपा का नाम, मोदी-शाह का सिर्फ एक बार

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 06:02 PM IST


बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित ताज होटल में संयुक्त प्रेस वार्ता में लोकसभा चुनाव में गठबंधन की घोषणा की। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित ताज होटल में संयुक्त प्रेस वार्ता में लोकसभा चुनाव में गठबंधन की घोषणा की।
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बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित ताज होटल में संयुक्त प्रेस वार्ता में लोकसभा चुनाव में गठबंधन की घोषणा की।बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित ताज होटल में संयुक्त प्रेस वार्ता में लोकसभा चुनाव में गठबंधन की घोषणा की।

  • दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेसवार्ता में योगी का जिक्र नहीं
  • मायावती ने चार बार गेस्ट हाउस कांड को याद किया

लखनऊ. केंद्र की सत्ता से भाजपा को बेदखल करने के लिए देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तरप्रदेश में सपा और बसपा ने गठबंधन कर शनिवार को यहां की 80 सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। बसपा सप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संयुक्त प्रेसवार्ता की और 30 मिनट के संबोधन में दोनों शीर्ष नेताओं ने 30 बार भाजपा का नाम लेकर हमला बोला। मायावती सबसे आगे रहीं। उन्होंने 23 बार भाजपा का नाम लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। मायावती ने सिर्फ एक बार मोदी और शाह का भी नाम लिया। लेकिन, यूपी के मुख्यमंत्री योगी का दोनों नेताओं ने जिक्र नहीं किया। मायावती ने चार बार गेस्ट हाउस कांड को याद किया।

 

माया ने 23 मिनट में 17 बार लिया भाजपा का नाम
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- यह प्रेस कॉन्फ्रेस गुरु-चेले यानि पीएम मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली है। उत्‍तरप्रदेश की जनता भाजपा से त्रस्‍त है। इसलिए हमने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। ताकि किसी भी कीमत पर भाजपा को केंद्र या राज्‍य की सत्‍ता में आने से रोका जा सके। कांग्रेस के समय घोषित इमरजेंसी लगी थी, जबकि भाजपा के समय में अघोषित इमरजेंसी लगी है। मायावती ने कहा- सपा-बसपा गठबंधन केंद्र में भाजपा की सरकार को नहीं आने देगा। 

 

मायावती ने अखिलेश के चाचा पर भी हमला बोला
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भले ही प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ का नाम नहीं लिया, लेकिन अखिलेश यादव के चाचा और प्रगतिशील समाजवार्दी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल यादव पर हमला करना नहीं भूलीं। शिवपाल यादव का दो बार नाम लेते हुए मायावती ने कहा कि इस गठबंधन के बाद भाजपा का उन पर पैसा लगाना बेकार हो जाएगा। भाजपा को केंद्र की सत्ता हटाने के लिए गठबंधन का वजूद तैयार करने वालीं मायावती ने सपा-बसपा गठबंधन का नाम भी 16 बार लिया। 

 

कांग्रेस को बाहर रखने का बताया कारण, 14 बार लिया नाम लिया
मायावती ने गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखने का कारण भी सबके सामने रखा। कहा- इस गठबंधन में कांग्रेस को रखने से हमारा कोई फायदा नहीं होने वाला था। लेकिन अमेठी व रायबरेली, दो सीटें छोड़ दी गई हैं। मायावती ने कांग्रेस का आचरण भाजपा जैसा ही बताया। इस दौरान उन्होंने 14 बार कांग्रेस का नाम लिया।

 

मोदी, शाह, योगी के बारे में अखिलेश ने नहीं बोला एक शब्द
संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस में सपा मुखिया अखिलेश यादव करीब सात मिनट बोले। लेकिन, उन्होंने एक बार भी मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का जिक्र तक नहीं किया। हालांकि पूरे संबोधन के दौरान 7 बार भाजपा का नाम लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमले किए। जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम छह बार लिया। जबकि, मायावती ने अखिलेश का नाम सिर्फ तीन बार लिया।

 

चार बार गेस्ट हाउस कांड का जिक्र

गठबंधन व सीटों के समीकरण का ऐलान करते हुए मायावती ने आज से 26 साल पहले हुए गेस्ट हाउस कांड का चार बार जिक्र किया। कहा कि, जनता की भलाई व देशहित में गेस्ट हाउस कांड को भुलाकर सपा के साथ गठबंधन किया गया है। गेस्ट हाउस कांड मायावती भूल नहीं सकतीं?

 

यह है गेस्ट हाउस कांड
2 जून, वर्ष 1995... स्थान- मीराबाई गेस्ट हाउस लखनऊ... इसे भारतीय राजनीति का काला अध्याय कहा जाता है। कांशीराम ने मुलायम सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। मायावती, विधायकों के साथ लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 1 में थीं। अचानक समाजवादी पार्टी समर्थक गेस्ट हाउस में घुस आए। समर्थकों ने मायावती से अभद्रता की, अपशब्द कहे। उनकी जान लेने की कोशिश की गई। खुद को बचाने के लिए मायावती कमरे में बंद हो गईं। इस घटना को गेस्ट हाउस कांड कहा जाता है। इसके बाद 3 जून, 1995 को मायावती ने भाजपा के साथ मिलकर सत्ता की कमान संभाली थी।

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